पंजाब में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ का गांव
- फोटो : अमर उजाला
ये भारत का वहीं गांव हैं, जहां की गलियों में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ कभी बच्चों संग खेला करते थे। देखिए, क्या कहते हैं लोग? ये गांव है पंजाब के तरनतारन जिले का जाति उमरा गांव। यहां उन्हें सद्बुद्धि देने के लिए अरदास की जा रही है। साथ ही बड़ी सलाह दी गई है।
शनिवार को जाति उमरा गांव के गुरुद्वारा साहिब में लोगों ने श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की हजूरी में अरदास की कि नवाज शरीफ को वाहेगुरु सद्बुद्धि और दोनों मुल्कों के बीच अच्छे संबंध स्थापित हों। यह वही गांव हैं, जहां की गलियों में कभी नवाज शरीफ खेला करते थे।
इस मौके पर ग्रामीणों ने कहा कि भले ही दोनों देशों बीच तनाव वाला माहौल बना है। पंजाब के कई गांव उजाड़े का शिकार हो रहे है। अब मौका है पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ को शरारत छोड़ शराफत से काम लेना चाहिए।
गांव के लोगों ने हमेशा नवाज शरीफ के परिवार की खैरियत मांगी है, लेकिन अब ये गांव बाकी देशों की तरह नवाज शरीफ को नसीहत देना चाहता है कि अब भी समय है सोच बदलो ताकि तबाही न हो।
शरीफ पर जब मुसीबत आई, गांव ने उनके हक में नारा लगाया
पंजाब में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ का गांव
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गांव के सरपंच दिलबाग सिंह, पंच बलविंदर सिंह, हीरा सिंह, अवतार सिंह, केहर सिंह, रवेल सिंह, निर्मल सिंह, सरवण सिंह, तेजिंदर सिंह, हरजीत सिंह, लाभ सिंह, दलबीर कौर, सुखराज कौर, जसपिंदर कौर, मनजीत कौर, सतनाम कौर और गुरुद्वारा साहिब के मुख्य ग्रंथी ज्ञानी इंद्रजीत सिंह ने कहा कि पाक के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ पर जब भी कोई विपदा पड़ी तो इस गांव में उनके हक में नारा लगाया गया।
नवाज शरीफ की सरकार का जब तख्तापल्ट हुआ था तो उनकी जान पर बनी थी। उस समय गांव जाति उमरा के लोगों ने श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी का पाठ करवाकर नवाज शरीफ की दीर्घायु की अरदास की थी।
डा. दिलबाग सिंह ने कहा नवाज शरीफ को चाहिए कि दोनों देशों के बीच मधुर संबंध कायम करने के लिए अपना जिद छोड़ दे। इसमें दोनों देशों की भलाई है। उन्होंने कहा कि हालात जंग के बन चुके है। ऐसे में गांव के लोग देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ हैं।