कृष्ण कुमार के पिता ओमप्रकाश भी सेना की इसी रेजीमेंट में थे। उनकी सेवानिवृत्ति के बाद कृष्ण फौज में लगा था। सेना से सेवानिवृत्त होने के बाद ओमप्रकाश रेवाड़ी में सीएसडी कैंटीन में लगे थे। 21 दिसंबर 2005 को कुलाना गांव के पास गाड़ी पलटने से ओमप्रकाश की मौत हो गई थी। उनके परिवार में अब कृष्ण की मां अनिता, पत्नी ज्योति, भाई श्रवण, पुत्र जिगर व रक्षित पीछे छोड़ गए हैं।
रात को आठ बजे मां से हुई थी फोन पर बात
गुरुवार की रात करीब आठ बजे उसकी मां अनिता से कृष्ण की फोन पर अंतिम बार बात हुई थी। वह कह रहा था की वह पूरी तरह से ठीक है और उसकी ट्रेनिंग भी ठीक-ठाक चल रही है। उसने परिवार का भी हालचाल जाना था। लेकिन रात को करीब डेढ़ बजे सेना के अधिकारियों का फोन आया की उनका बेटा इस दुनिया में नहीं रहा और नाइट फायरिंग के दौरान गोली लगने से उसकी मौत हो गई।
17 अगस्त को आना था छुट्टी पर
परिवार के लोगों का कहना है कि कृष्ण की ट्रेनिंग समाप्त होनी थी और वह 17 अगस्त को एक माह की छुट्टी पर घर आना था। लेकिन होनी को कुछ और ही मंजूर था। 17 अगस्त को छुट्टी की बजाय 10 अगस्त को उसका शव पहुंचेगा।