भीख मांग कर गुजारा करने वाली एक फौजी की बेटी को सेना की ओर से मासिक पेंशन के साथ-साथ करीब सात लाख रुपये का एरियर दिया गया है। यह सेना की 21 सब एरिया के वेटर्न सहायता केंद्र के प्रयासों से संभव हुआ है। पंजाब के गुरदासपुर में स्थित दीनानगर के वार्ड 9 स्थित हरिजन कालोनी की 55 वर्षीय महिला शकुंतला देवी के सिख रेजीमेंट में तैनात पिता सिपाही सेवा राम का 12 मार्च 1978 में ड्यूटी के दौरान निधन हो गया था।
मां ने 2008 में बेटी की शादी की। शादी के कुछ दिन बाद ही उसका पति भी लापता हो गया। इसके बाद शकुंतला देवी अपने मायके में रहने लगी। कुछ समय बाद मां और फिर दो भाइयों की भी मौत हो गई। आमदनी का कोई साधन न होने पर वह और उसका भाई भीख मांग कर अपना गुजारा करने लगे। सेना के नियमों के अनुसार, किसी सैनिक की मौत होने के बाद उसकी पत्नी के बाद अविवाहित अथवा विधवा बेटी को पेंशन की सुविधा मिलती है।
इसके लिए उसने कई बार गुरदासपुर में जिला रक्षा सेवाएं भलाई विभाग में पिता के आश्रित होने की पेंशन की सुविधा हासिल करने के लिए गुहार लगाई, लेकिन पति के लापता होने व कोई मृत प्रमाणपत्र न होने के कारण वहां से कोई जवाब नहीं मिला।