जहां कोर्स के दौरान संदिग्ध रविंदर के संपर्क में आई जो हरियाणा के एक और पीएमकेवीवाई केंद्र में काम कर रहा था। रविंदर संदीप कौर को नौकरी लगवाने के बहाने मार्च 2019 को रेवाड़ी ले गया। याचिका में आरोप लगाया गया है कि 14 अगस्त, 2019 को संदीप कौर ने याचिकाकर्ता (मां) को फोन किया और बताया कि वह अगले दिन राखी के लिए घर वापस आ रही थी, इसके बाद, उसका ( बेटी संदीप कौर का) फोन स्विच ऑफ हो गया।
खेमका ने न्यायालय को बताया कि महिला ने 16 अगस्त को अपनी बेटी की गुमशुदगी और अपहरण की शिकायत दर्ज कराने के लिए पुलिस स्टेशन भूना से संपर्क किया लेकिन पुलिस स्टेशन रेवाड़ी का अधिकार क्षेत्र बताते हुए इसे अस्वीकार कर दिया गया। संदीप कौर के लापता होने के बारे में पुलिस स्टेशन रेवाड़ी में एक शिकायत दर्ज की गई थी और जब याचिकाकर्ता ने रविंदर से पूछताछ के लिए पुलिस स्टेशन भूना ( फतेहाबाद ) से संपर्क किया तो इसे अस्वीकार कर दिया गया।
जब संबंधित पुलिस स्टेशन द्वारा याचिकाकर्ता की शिकायत पर विचार नहीं किया गया तो उसने सितंबर और अक्टूबर में दो बार सीएमओ से संपर्क किया लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। इसलिए उसने अब उच्च न्यायालय में याचिका दायर करनी पड़ी। न्यायालय के नोटिस पर एसपी रेवाड़ी और एसपी फतेहाबाद ने अपने जवाब दाखिल किए, जिसमें खुलासा किया गया कि 18 अगस्त 2019 को राजस्थान में नहर से शव बरामद किया गया था। न्यायालय ने पुलिस रवैये पर सवाल उठाते हुए मामले की जांच जिम्मेदार अधिकारी को देने का आदेश देते हुए मामले की सुनवाई 25 सितंबर, 2020 के लिए स्थगित करते हुए जांच रिपोर्ट तलब करने का आदेश दिया।