राजौरी में एलओसी पर सोमवार देर शाम कोहरे की आड़ में सेना ने घुसपैठ का एक बड़ा प्रयास विफल कर दिया था। इसमें एक जवान शहीद हुआ था। उसकी पहचान पंजाब के होशियारपुर जिले के फतेहपुर गांव निवासी सुखविंदर सिंह पुत्र अविनाश सिंह के रूप में हुई है। शहीद के पार्थिव शरीर को पूरे सैन्य सम्मान के साथ मंगलवार साढ़े पांच बजेजम्मू-कश्मीर से पंजाब भेज दिया गया।
21 वर्षीय राइफलमैन सुखविंदर का बुधवार को उनके पैतृक गांव फतेहपुर में अंतिम संस्कार किया जाएगा। सुखविंदर सिंह 2017 में सेना में भर्ती हुआ था। अपने रिश्तेदार की शादी में शामिल होने के बाद 22 नवंबर को ही सुखविंदर 15 दिन की छुट्टी काटकर ड्यूटी पर लौटा था। सुखविंदर के पिता अविनाश सिंह पंजाब राज्य बिजली बोर्ड में एएलएल के पद पर आसीन थे। उनकी भी 2007 में मौत हो चुकी है।
रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता के अनुसार सोमवार दोपहर 12 बजे के करीब पाक सैनिकों ने कोहरे की आड़ में पलांवाला सेक्टर के केरी क्षेत्र से घुसपैठ कराने की कोशिश की। सीमा के उस पार हरकत को देखते हुए सेना ने छोटे हथियारों से फायरिंग की लेकिन पाकिस्तानी सेना की तरफ से घुसपैठियों को कवर फायर देने के लिए एंटी टैंक मिसाइल दागने के साथ-साथ मोर्टार से भी गोलाबारी की। इसमें राइफलमैन सुखविंदर सिंह शहीद हो गया था।