इंडियन एयरफोर्स में भर्ती के लिए ऑनलाइन परीक्षा चल रही थी कि बीच में ही 'गुरु जी' ने एक ऐसी हरकत कर दी, परीक्षार्थियों का करियर ही बर्बाद हो गया।
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हरियाणा के रोहतक में एयरफोर्स में तकनीकी पदों पर भर्ती के लिए चल रही ऑनलाइन परीक्षा में लैपटॉप से कंप्यूटर सिस्टम एक्सेस करके पेपर सॉल्व कराते दो लोगों को पकड़ा है। इनके पास से पांच लैपटॉप मिले हैं। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि अकादमी संचालक समेत तीन फरार हैं। मामले में पांच लोगों पर केस दर्ज किया गया है। वीरवार को एयरफोर्स पुलिस की स्पेशल टीम ने बाईपास स्थित श्रीकृष्णा ऑनलाइन सोल्यूशन पर छापा मार कर नकल गिरोह का खुलासा किया।
गिरोह के गुर्गे एकेडमी के साथ लगते निजी अस्पताल की छत पर बने कमरे से तकनीक का इस्तेमाल करके नकल करा रहे थे। एयरफोर्स में विभिन्न तकनीकी पदों पर भर्ती के लिए वीरवार को परीक्षा हो रही थी। इसके लिए श्रीकृष्णा ऑनलाइन सोल्यूशन में परीक्षा केंद्र बनाया गया था। केंद्र पर सुबह से ही परीक्षार्थी जुटने लगे थे। यह सिलसिला शाम तक जारी रहा। इसकी वजह अलग-अलग बैच में परीक्षा कराया जाना रहा। ऑनलाइन परीक्षा कंप्यूटर सिस्टम एक्सेस करके नकल कराने की भनक लगने पर एयरफोर्स पुलिस की स्पेशल टीम अपने कमांडिंग ऑफिसर के साथ सुबह रोहतक पहुंची।
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छानबीन में उनके हाथ कुछ नहीं लगा, लेकिन शाम को टीम के हाथ कुछ तथ्य लगे। इसके बाद सेंटर पर छापा मारा तो नकल कराने का मामला सामने आया। दो लोगों को मौके से ही पकड़ लिया गया। एकेडमी संचालक फरार है। पुलिस ने मामले में जांच शुरू कर दी।
अस्पताल के ऊपर बनाया था कंट्रोल रूम
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ऑनलाइन परीक्षा में नकल कराने के लिए पहले से तैयारी थी। इसके लिए केंद्र के साथ लगते निजी अस्पताल के ऊपर बने कमरे को कंट्रोल रूम बनाया था। यहां से एकेडमी के कंप्यूटर सिस्टम को एक्सेस करने के लिए एक तार कमरे तक बिछाया गया। नकल कराने वाले गिरोह के गुर्गों ने कंप्यूटर रिमोट पर लेकर पेपर हल कराया।
एयरफोर्स ने सी-डेक कंपनी को दी थी पेपर की जिम्मेदारी
भर्ती परीक्षा के लिए एयरफोर्स ने सी-डेक कंपनी से अनुबंध किया है। ऐसे में परीक्षा की जिम्मेदारी कंपनी की बनती है। इसके चलते परीक्षा केंद्र पर कंपनी के दो कर्मचारी मौजूद रहे। हिसार बाईपास स्थित श्रीकृष्णा ऑनलाइन सोल्यूशन के अलावा बाबा मस्तनाथ व सुखपुरा चौक पर भी परीक्षा केंद्र बनाए गए थे।
पेपर साल्व कराने वाले दो काबू, एक फरार
श्रीकृष्णा एकेडमी पर ऑनलाइन पेपर हल करने वाले तीन लोग सामने आए हैं। इनमें से दो को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इन्होंने अपनी पहचान सोनीपत के धनाना का सोमबीर और गन्नौर के हार्दिक के रूप में दी है। एकेडमी संचालक जगबीर दहिया और उसका पार्टनर संजय फरार है। गुरुग्राम निवासी आदित्य ने भी परीक्षा केंद्र पर पेपर सॉल्व किया। लेकिन एयर फोर्स पुलिस के पहुंचने से पहले वह निकल गया था।
एयर फोर्स की भर्ती परीक्षा के दौरान कंप्यूटर से पेपर हल कराने का मामला सामने आया है। पुलिस ने श्रीकृष्ण एकेडमी के संचालक जगबीर दहिया व इसके पार्टनर संजय समेत पांच लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी, आईटी एक्ट समेत अन्य धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया है। सोनीपत के धनाना का सोमबीर व गन्नौर का हार्दिक लैपटॉप पर पेपर हल करते हुए पकड़े गए हैं। इसके अलावा गुड़गांव का आदित्य भी पेपर हल करने में शामिल रहा है। पुलिस ने सोमबीर व हार्दिक को गिरफ्तार कर लिया है। इसे शुक्रवार को अदालत में पेश कर रिमांड पर लिया जाएगा। पूछताछ में और खुलासे की उम्मीद है। - इंस्पेक्टर जगबीर, एसएचओ, शहर थाना।
तीन से साढे़ तीन लाख रुपये में सौदा हुआ
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एयरफोर्स में भर्ती की ऑनलाइन परीक्षा भी नकल गिरोह से बच नहीं सकी। परीक्षा में पास करा कर नौकरी दिलाने के लिए गिरोह ने कंप्यूटर तक में सेंध लगा दी। उम्मीदवारों को एयर फोर्स में चयन के लिए परीक्षा पास कराने के नाम पर तीन से साढे़ तीन लाख रुपये में सौदा हुआ। ऐसे में यह खेल करोड़ों का है। यह अपने आप में सवाल खड़े करता है कि शहर के बाहर हिसार बाइपास पर श्रीकृष्णा ऑन लाइन सोल्यूशन के नाम से एकेडमी करीब एक महीने पहले ही बनी है।
एकेडमी बनते ही यहां एयर फोर्स भर्ती का परीक्षा केंद्र बना दिया। नई एकेडमी में परीक्षा केंद्र बनाया जाना गिरोह की पहले से सोची समझी साजिश की ओर भी संकेत करता है। गिरोह ने अपने पकड़े जाने की संभावना कम करते हुए नकल के लिए रिमोट सिस्टम का इस्तेमाल किया। इसकी वजह नकल कराने के बाद किसी तरह का रिकॉर्ड नहीं होने से पकड़े जोन का डर नहीं रहता है। यही वजह रही कि गिरोह ने यह सिस्टम अपनाया।
मोबाइल ट्रेस हुए तो घिर सकते हैं और भी नकलची
ऑन लाइन भर्ती परीक्षा में नकल कराने के खेल में मोबाइल फोन बड़ा खुलासा कर सकता है। पुलिस हिसार बाइपास इलाके के मोबाइल फोनों की लोकेशन ट्रेस करें तो और भी नकलचियों के पकड़े जाने की संभावना है। परीक्षा पास कराने के लिए हुए सौदे का भी खुलासा होने की पूरी उम्मीद है।
क्या है रिमोट सिस्टम
देश दुनिया में किसी कम्प्यूटर को दूसरी जगह बैठा व्यक्ति इस्तेमाल कर सकता है। इसके लिए रिमोट सॉफ्टवेयर तकनीक का इस्तेमाल किया जाता है। यह बाजार व इंटरनेट पर उपलब्ध है। इसका इस्तेमाल भी आसान है। इसकी किसी तरह की पहचान संख्या नहीं होती है। इसलिए पकड़े जाने की संभावना न के बराबर होती है। इस तरह केस में नकल करते समय ही साइबर सेल या साइबर एक्सपर्ट ही गड़बड़ी को पहचान कर पकड़ सकते हैं।
कुलदीप सक्सेना, आईटी एक्सपर्ट
परीक्षाओं में नकल रोहतक में पहली बार नहीं हुई है। ऐसा पहले भी कई परीक्षाओं में हो चुका है। एयर फोर्स भर्ती परीक्षा से पहले एआईपीएमटी, पीएमटी, यूजीसी नेट, रेलवे भर्ती समेत कई परीक्षाएं शामिल हैं। रोहतक शहर से लीक हुई परीक्षाओं के अलावा देश में अन्य जगहों पर सामने आए पेपर लीक के मामलों में भी जिले के कुछ गांव के युवाओं के नाम सामने आए हैं। इन्हें पुलिस ने गिरफ्तार भी किया।
इन परीक्षाओं का पेपर हुआ लीक
- वर्ष 2008 : हेल्थ यूनिवर्सिटी की पहली प्रवेश परीक्षा का पेपर लीक हुआ। बेटी को पास कराने के लिए थाना प्रभारी ने पेपर लीक किया।
- नवंबर 2014 : रेलवे बोर्ड में ग्रुप डी की भर्ती का पेपर लीक हुआ। पुलिस ने आसन गांव के दो युवकों को गिरफ्तार किया।
- दिसंबर 2014 : यूजीसी नेट का पेपर जाट कालेज से लीक हुआ। इसमें एबीवीपी का एक नेता भी गिरफ्तार हुआ। इसके बाद से रोहतक में नेट का परीक्षा केंद्र ही समाप्त हो गया।
- 3 मई 2015 : एआईपीएमटी का पेपर लीक हुआ। देश के मेडिकल कालेजों में प्रवेश के लिए हुई परीक्षा में मदीना निवासी दांगी ने राजस्थन के बहरोड़ में पेपर हल कराया।
- 23 जून 2018 : जींद यूनिवर्सिटी के तहत हुई बीएड परीक्षा का पेपर सीआर कालेज से लीक हुआ। परीक्षा शुरू होने के कुछ देर बाद ही पेपर केंद्र से बाहर पहुंच गया।