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गणपति बप्पा ने बचाई ने एक महीने के बच्चे की जान, वरना बिल्ली कर देती वारदात...मां हुई बेहोश

Fri, 14 Sep 2018 04:00 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भिवानी(हरियाणा)
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बच्चे को उठा ले गई बिल्ली
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गणेश चतुर्थी के दिन गणपति बप्पा ने एक मां की कोख उजड़ने से बचा ली, वरना बिल्ली अंजाम दे देती खौफनाक वारदात। घटना एक महीने के बच्चे के साथ हुई। हरियाणा के भिवानी में एक बिल्ली एक महीने के बच्चे को उठाकर ले गई। बच्चे की मां ने देखा तो शोर मचाया।
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बच्चे की तलाश में छत पर पहुंचे चाचा ने बिल्ली से बच्चे को छुड़वाने के लिए तीसरी मंजिल से छलांग लगा दी। जिससे वह घायल हो गया। मामला हालु बाजार का है। घायल युवक की रीढ़ हड्डी में चोट आई है। जिसे सामान्य अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद परिजन उसे हिसार के एक निजी अस्पताल में ले गए। वहीं नवजात बच्चे को चिकित्सक के पास ले जाया गया। जिसे चिकित्सक ने स्वस्थ बताया।

मन में आने लगे थे बुरे-बुरे ख्याल
बच्चे की दादी संतोष ने बताया कि बच्चे के बैड से गायब होते ही पूरे परिवार को अंदेशा हो गया था कि बिल्ली उठा ले गई और परिवार के सभी सदस्य ही खोज में जुट गए थे। बच्चा कपड़े में लिपटा हुआ था और बिल्ली कपड़े सहित ही उसे उठा ले गई। बच्चे के गायब होते ही सबके मन में बुरे-बुरे ख्याल आने लगे थे। मगर भगवान की कृपा से बच्चा सुरक्षित हमें मिल गया।
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बच्चे को लेकर अभिभावक आए थे। बच्चे की जांच की है और बच्चा बिल्कुल सुरक्षित है। यह गनीमत रही कि बिल्ली ने कोई दांत नहीं मारा या पंजे नहीं मारे। वरना समस्या हो सकती थी। क्योंकि बच्चा प्री-मेच्योर है और काफी कमजोर भी है।
डा. पवन अंचल, चिकित्सक, अंचल नर्सिंग होम
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मुंह में दबोचकर बिल्ली ने लगाई छलांग

बच्चे को उठा ले गई बिल्ली
घटना सुबह करीब छह बजे हालु बाजार सुनारों की गली में हुई। यहां मसाला व्यापारी नवीन कुमार के घर एक महीने पहले ही बच्चे का जन्म हुआ है। बच्चा अठमासा (आठ माह) पैदा हुआ है। परिजनों ने उसका नाम नितेश रखा है। वीरवार सुबह करीब छह बजे बच्चा अपनी माता नेहा के पास सो रहा था।

बच्चे की दादी संतोष कुमारी ने बताया कि नेहा सुबह शौच के लिए गई थी और मितेश बैड पर सोया हुआ था। इसी दौरान एक बिल्ली बच्चे को उठा ले गए। जब नेहा वापस आई तो बैड पर बच्चा नहीं मिलने पर शोर मचाया। चूंकि बिल्ली आती रहती है, ऐसे में पहला शक ही बिल्ली पर गया। जिसके बाद आसपास खोजबीन शुरू की।

घर के पास ही एक पुरानी तीन मंजिला हवेली है जो कि लंबे समय से बंद पड़ी है। बिल्ली बच्चे को वहां उठा ले गई। बच्चे का चाचा हेमंत छत पर खोजने गया तो उसे बिल्ली बच्चे के साथ इस बंद मकान में दिखाई। बच्चा रो रहा था। बच्चे को बचाने के लिए हेमंत ने तीसरी मंजिल से छलांग लगा दी। हेमंत के कूदने से बिल्ली तो वहां बच्चा छोडक़र भाग गई।

मगर हेमंत को रीढ की हड्डी में गंभीर चोट आई। नवजात बच्चे और घायल हेमंत को तुरंत उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया। घायल हेमंत को इमरजेंसी में जांच के बाद परिजन उसे हिसार के एक निजी अस्पताल ले गए। युवक की रीढ़ की हड्डी में फ्रेक्चर बताया जा रहा है। नवजात बच्चे को चिकित्सक ने जांच के बाद स्वस्थ और ठीक बताया। जिसे बाद में परिजन घर ले गए।

नवीन का मसालों का कारोबार है जो घर से ही चलाता है। हेमंत भी उसकी मदद करता है। नवीन को पहले भी करीब साढ़े तीन साल का एक लड़का है।
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