लॉकडाउन में मरीजों की परेशानी दूर करने के लिए शुरू की गई अमर उजाला की हेल्पलाइन में सोमवार को सवालों के जवाब दिए निंबस आई सेंटर वरिष्ठ आई सर्जन डा. अवनीश गुप्ता ने।
सवाल : मेरी उम्र 30 साल है। मुझे चश्मा लगा हुआ है। लेंस लगाने से आंखों में सूजन आती है। मैंने सुना है कि लेजर तकनीक से चश्मा हट जाता है। यह इलाज चंडीगढ़ में कहां हो सकता है। इसका फायदा है या नहीं।
- बिमला देवी, पंचकूला
जवाब : लेंस से आपको एलर्जी हो रही है। लॉकडाउन तक कांटेक्ट्स लेंस का इस्तेमाल न करें। लेजर तकनीक सेफ है। आप किसी स्पेशलिस्ट डाक्टर को दिखाएं। वे कुछ टेस्ट करेंगे। टेस्ट के बाद ही डाक्टर बता पाएंगे कि आपके लिए तकनीक फिट है या नहीं।
सवाल : मेरे बेटे की उम्र 11 साल है। उसकी आंख की पलकों पर फुंसियां हो गई हैं। पहले एक आंख पर यह समस्या थी। अब दूसरे आंख में भी फुंसियां हो गईं हैं। उसकी आंख पहले से ही कमजोर थी। क्या कोई दवा या उपचार बता सकते हैं।
- सरिता, सेक्टर 56 चंडीगढ़
जवाब : यदि फुंसियों में लाली और दर्द है तो आपको आई सर्जन के पास जाना चाहिए। ऐसा नहीं है तो लॉकडाउन के बाद आई सर्जन को दिखा सकते हैं। चश्मे के नंबर को भी समय-समय पर चेक करवाएं।
सवाल : सर, मुझे अपनी आंखों के बारे में पूछना है। मेरी आंख एक छोटी और दूसरी बड़ी दिखती है। पहले मैंने ध्यान नहीं दिया। ऐसा लगता है कि एक आंख पर ऊपर सूजन है। शायद इसी वजह से छोटी लगती हो। दो महीने से आंखों में खारिश भी हो रही है।
- रविंदर सेक्टर 19 पंचकूला
जवाब : छोटी-बड़ी आंख का इलाज आराम से हो सकता है। इसके लिए घबराने की आवश्यकता नहीं है। यदि खारिश हो रही है तो कपड़े में बर्फ रखकर उसकी सिकाई कर सकते हैं। आप लेक्रीमॉस व ल्यूब्रेक्स आई ड्राप दिन में चार से पांच बार डाल सकते हैं। यदि फिर भी आराम नहीं मिलता है तो आई सर्जन को दिखाएं।
सवाल : मेरी उम्र 27 साल है। मुझे रेटिनाइटिस पिगमेंटोसा की शिकायत है। मुझे इस बारे में जानकारी चाहिए।
- विशाखा, चंडीगढ़
जवाब : इस बीमारी में आंखों के पिछले हिस्सों की नसें कमजोर होती हैं। लॉकडाउन के बाद इस बीमारी का इलाज करवाएं। विटामिन ए से भरपूर खाद्य पदार्थों का सेवन करें।