टमाटर के रेट में मंगलवार को 25 रुपये किलो का इजाफा हुआ है। सेक्टर-26 मंडी में ही टमाटर 60 रुपये किलो बिक रहा है। जबकि सोमवार तक बाजार में यह 35 रुपये किलो बिक रहा था।
अगले एक सप्ताह तक टमाटर के रेट कम होने की उम्मीद नहीं है। सब्जी विक्रेताओं का कहना है कि इस समय टमाटर की लोकल फसल खत्म हो गई है। शहर सिर्फ पहाड़ी टमाटरों पर ही निर्भर है। चंडीगढ़ में रोजाना 20 टन टमाटर आ रहा है। जबकि इसकी खपत 35 टन है। इसका भी प्रभाव रेट पर पड़ रहा है। जबकि नासिक में रोजाना काफी कम टमाटर की सप्लाई आ रही है। टमाटर एक ऐसी सब्जी है, जिनके बिना रसोई का जायका फीका रहता है।
मार्केट कमेटी के सचिव राजेंद्र कुमार का कहना है कि इस समय हिमाचल से ही टमाटर आ रहा है। पीछे बारिश होने का असर भी टमाटर की फसल पर पड़ा है। उनका कहना है कि नासिक से काफी कम टमाटर की सप्लाई आ रही है।
खराब मौसम का पड़ा असर
स्माल सेलर वेजिटेबल एसोसिएशन के अध्यक्ष देसराज का कहना है कि टमाटर 50 से 60 रुपये किलो बिक रहा है। उनका कहना है कि मौसम के खराब होने के कारण टमाटर के अलावा अन्य सब्जियों के रेट पर भी असर पड़ रहा है।
भाजपा के राज में महंगाई आउट ऑफ कंट्रोल
महिला कांग्रेस की अध्यक्ष पूनम शर्मा का कहना है कि भाजपा के राज में महंगाई आउट ऑफ कंट्रोल हो गई है। यह भाजपा के अच्छे दिन ही है, जहां पर दालों के रेट आसमान छू रहे हैं। अब टमाटर 60 रुपये किलो पहुंच गया है।