ईबी 5 वीजा आवेदकों के मामले में भारत दूसरे नंबर पर है, जिसके बाद चीन, वियतनाम और दक्षिण कोरिया हैं। वर्ष 2013 में यह गिनती 86, साल 2014 में 99, साल 2015 में 239, साल 2016 में 348 और वर्ष 2017 में 567 रही है। भारतीयों में अधिकतर पंजाबी अमेरिका जाने के लिए प्रेरित रहा है।
इन्हें लिया गया था हिरासत में
अनुमति के बिना प्रवेश को रोकने के लिए अमेरिका में भारत सरकार ने दो इमीग्रेशन डिटेंनशन सेंटर के साथ संपर्क स्थापित किए हैं, जिसमें लगभग 100 भारतीयों, अधिकतर पंजाबियों को अवैध रूप से अमेरिका की दक्षिणी सीमा के रास्ते प्रवेश करने पर हिरासत में लिया गया है।
यह है ईबी-5 वीजा का प्रावधान
ईबी-5 वीजा में प्रावधान है कि अगर कोई व्यक्ति 3.1 करोड़ रुपये से ज्यादा एकमुश्त निवेश करता है या 10 लोगों के लिए अमेरिका में नौकरियों का सृजन करता है तो उसे प्राथमिकता के आधार पर नागरिकता दे दी जाएगी। हर साल इस कोटे के तहत 10,000 वीजा दिए जाते हैं, जबकि एक साल में किसी भी देश के 700 से ज्यादा नागरिकों को वीजा नहीं दिया जा सकता। इस समय भारत के लोग इस प्रावधान के तहत दूसरे बड़े आवेदक हैं।