पंजाब के कैबिनेट मंत्री राणा गुरजीत सिंह की मुश्किलें अब बढ़ सकती हैं। क्योंकि अब आयकर विभाग ने राणा पर लग रहे रेत की खदानों के बेनामी ठेके लेने के आरोपों की जांच शुरू कर दी है। राणा के चार पूर्व मुलाजिमों ने पिछले दिनों हुई रेत खदानों की नीलामी में करोड़ों की बोली लगा कर ठेके हासिल किए हैं। उनके पूर्व कुक अमित बहादुर ने नवांशहर के सैदपुर खुर्द गांव में 26.51 करोड़, कुलविंदर पाल सिंह ने नवांशहर के ही मेहंदीपुर में 9.21 करोड़, गुरिंदर सिंह ने रामपुरा कलां, मोहाली में 4.11 करोड़ और बलराज सिंह ने बहलूर खुर्द गांव में 10.58 करोड़ रुपये की बोली लगाकर ठेके लिए हैं।
इस मुद्दे पर विपक्ष के तीखे तेवरों के बाद सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने एक सदस्यीय न्यायिक जांच आयोग गठित कर मामले को फिलहाल टालने की कोशिश की। क्योंकि जून में ही विधानसभा का सत्र है, जिसमें सरकार घिर सकती थी। उधर, एक दिन पहले ही राजबीर एंटरप्राइजेज ने दावा किया कि सैदपुर, बहलूर खुर्द और मेहंदीपुर की रेत खदानों का ठेका उसने लिया है। कंपनी ने दावा किया कि उसने सैदपुर, बहलूर खुर्द और मेहंदीपुर की रेत खदानों में 30 करोड़ का निवेश किया है। जिसके लिए पैसे का इंतजाम साहिल सिंगला और कैप्टन जेएस संधावा ने किया है।