हरियाणा में विधानसभा चुनाव में हार के बाद शनिवार को पहली बार कांग्रेस पार्टी की बैठक होने जा रही है। बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा सहित सभी 15 विधायक, विधायक दल की नेता किरण चौधरी, कांग्रेस अध्यक्ष अशोक तंवर और नवनियुक्त पार्टी प्रभारी, पूर्व पार्टी प्रभारी शकील अहमद, प्रदेश कार्यकारिणी के सभी पदाधिकारी और अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की सचिव आशा कुमारी भी शामिल होंगी।
बैठक में चुनावी नतीजों की समीक्षा भी की जाएगी। हालांकि बैठक समीक्षा के लिए बुलाई गई है लेकिन प्रदेश कांग्रेस की गुटबाजी भी खुलकर सामने आने के आसार हैं। विधायक दल की नेता किरण चौधरी के चुने जाने से हुड्डा गुट में नाराजगी है।
बैठक में विधानसभा में पार्टी के खिलाफ काम करने वाले नेताओं के बारे में भी निर्णय लिया जा सकता है। अशोक तंवर ने विधानसभा चुनाव से पहले ही टिकट वितरण को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर कर दी थी, जिससे तंवर और हुड्डा में भी तनातनी की स्थिति बन गई है। इसी खींचातानी के कारण ही विधायक दल की नेता तय करने का फैसला राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी पर छोड़ा गया था।
सदस्यता अभियान में तेजी
इस समय कांग्रेस का सदस्यता अभियान प्रदेश में चल रहा है, वहीं भाजपा का भी सदस्यता अभियान चल रहा है। बैठक में 31 दिसंबर तक सदस्यता अभियान में तेजी लाने के लिए रणनीति तैयार करने पर विचार किया जाएगा ताकि कांग्रेस की सदस्यता भाजपा के मुकाबले में कम न हो।
कांग्रेस अध्यक्ष अशोक तंवर का कहना है कि बैठक में नवनियुक्त विधायक दल की नेता किरण चौधरी का अभिनंदन भी किया जाएगा इसके साथ ही पार्टी की आगामी रणनीति के लिए सभी की राय ली जाएगी।