अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। पंजाब के पूर्व उपमुख्यमंत्री और शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने आठ साल पुराने मानहानि मामले में अपने खिलाफ जारी गैर-जमानती वारंट को रद्द करने की अर्जी जिला अदालत में दाखिल की है। अदालत ने पिछले महीने उनके अदालत में पेश न होने पर वारंट जारी कर उनकी जमानत रद्द कर दी थी। शुक्रवार को इस अर्जी पर सुनवाई होनी थी, लेकिन बादल के वकील ने समय मांगा। इसके बाद अदालत ने अगली सुनवाई 17 जनवरी तय की।
यह मामला वर्ष 2017 में अखंड कीर्तनी जत्थे के प्रवक्ता राजिंदर पाल सिंह द्वारा दर्ज किया गया था। शिकायत में आरोप है कि 4 जनवरी 2017 को दिल्ली में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से मुलाकात के बाद सुखबीर बादल ने जत्थे को लेकर मीडिया में आपत्तिजनक बयान दिया, जिससे संगठन की छवि को गंभीर क्षति हुई। सुखबीर बादल ने इस केस को चुनौती देने के लिए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट का रुख किया था, लेकिन याचिका खारिज हो गई। जिला अदालत में पेश नहीं होने के कारण उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी हुआ।