हरियाणा की मनोहर लाल सरकार ने मंत्रिमंडल बैठक में कई अहम निर्णय लिए हैं। जनहितैषी निर्णयों को आधार बनाकर सरकार विधानसभा चुनाव से पहले विकास को और रफ्तार देगी। प्रदेश का पहला और देश का तीसरा खेल विश्वविद्यालय राई में बनाया जाएगा। यह अंतरराष्ट्रीय मानकों को पूरा करेगा। मंत्रिमंडल ने केएमपी के साथ-साथ ऑर्बिटल रेल प्रोजेक्ट को मंजूरी दी है।
रेल मंत्रालय के साथ मिलकर हरियाणा सरकार इस रेल मार्ग का निर्माण करेगी। 5566 करोड़ रुपये की लागत से पलवल से सोनीपत तक रेल कॉरिडोर बनेगा। इसमें 14 नए रेलवे स्टेशन बनेंगे, पूरे मार्ग पर कुल 17 स्टेशन बनाए जाएंगे। सरकार ने नगर निगम के मेयर की तर्ज पर नगर पालिका और नगर परिषदों के चेयरमैन का सीधा चुनाव कराने पर भी मुहर लगा दी है।
शहरी स्थानीय निकाय वर्ष में दो बार कम से कम तीन-तीन दिन का अपना सत्र बुलाएंगे। हरियाणा विधानसभा का मानसून सत्र दो अगस्त से बुलाया जाएगा।
सत्र के छह अगस्त तक चलने की उम्मीद है। हालांकि, सत्र की अवधि बिजनेस एडवाइजरी कमेटी तय करेगी। लेकिन, आठ अगस्त से मुख्यमंत्री मनोहर लाल के विदेश जाने की संभावना है, इसलिए छह अगस्त को ही विधानसभा का अंतिम सत्र खत्म किया जा सकता है। इसके अलावा सरकार ने एचसीएस की मुख्य परीक्षा के पैटर्न में भी बदलाव किया है। साथ ही विधि एवं विधायी विभाग के ग्रुप-क सेवाओं के भर्ती नियम भी बदले गए हैं।
अविश्वास प्रस्ताव में भाग नहीं ले सकेंगे विधायक
हरियाणा कैबिनेट मीटिंग
- फोटो : अमर उजाला
प्रदेश की नगर परिषदों और नगर पालिकाओं के चेयरमैन अब और पावरफुल हो जाएंगे। सीधे चुनाव के बाद पार्षद उन्हें नहीं हटा सकेंगे। कार्यकाल पूरा करने के बाद ही वे कुर्सी छोड़ेंगे। मनोहर लाल की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल ने हरियाणा पालिका अधिनियम, 1973 में संशोधन को मंजूरी दे दी है। मेयर के चुनाव की तर्ज पर अब नगर परिषद व पालिकाओं का चुनाव राज्य निर्वाचन आयोग की निगरानी में होगा।
पात्र मतदाता सीधे चेयरमैन चुनेंगे। हाउस ऑफ द पीपल और विधानसभा सदस्यों को नगर निगम की तरह ही इस चुनाव और उपाध्यक्ष के अविश्वास प्रस्ताव में मतदान का अधिकार नहीं होगा। पालिका अधिनियम की धारा 25 में वर्णित किसी भी बैठक के बजाय छह महीने में एक बार कम से कम तीन दिन का सत्र बुलाना अनिवार्य किया गया है। इस उद्देश्य के लिए हरियाणा नगर निगम अधिनियम 1994 की धारा 52 में संशोधन को भी स्वीकृति दे दी गई।
खेल विवि का विज का सपना पूरा
मंत्रिमंडल ने राई में खेल विश्वविद्यालय की स्थापना पर मुहर लगाकर खेल मंत्री अनिल विज के सपने को पूरा कर दिया है। विज लंबे समय से विवि की मंजूरी के लिए प्रयासरत थे। बैठक में के खेल एवं युवा मामले विभाग के हरियाणा खेल विश्वविद्यालय बिल के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई। अंतरराष्ट्रीय मानकों को पूरा करने वाला यह प्रदेश का पहला संपूर्ण खेल विश्वविद्यालय होगा।
कैबिनेट की बैठक में कई अहम फैसले
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खेल विज्ञान, खेल प्रौद्योगिकी, खेल प्रबंधन व उच्च प्रदर्शन प्रशिक्षण की कमी को दूर करने के लिए यह विश्वविद्यालय स्थापित किया जाएगा। खेल विज्ञान, खेल चिकित्सा और खेल प्रौद्योगिकी में नवीनतम शोधों पर आधारित एप्लीकेबिलिटी पर जोर देकर बहुसंकाय अध्ययन यहां कराए जाएंगे।
विश्वविद्यालय के दूरस्थ परिसर भी स्थापित किए जा सकेंगे। बिल में इसका प्रावधान किया गया है। शैक्षणिक कार्यक्रमों व अनुसंधान के अलावा विश्वविद्यालय और इसके दूरस्थ परिसर उत्कृष्ट एथलीट्स, खेल अधिकारियों, कर्मचारियों, रैफरियों और अंपायरों को प्रशिक्षण भी देंगे। साथ ही खेल के विभिन्न संकायों में उत्कृष्टता केंद्र विकसित किए जाएंगे।
600 अंक की होगी एचसीएस की मुख्य लिखित परीक्षा
प्रदेश सरकार ने हरियाणा सिविल सेवा की मुख्य परीक्षा के पैटर्न में बदलाव किया है। नए पैटर्न को मंत्रिमंडल बैठक में मंजूरी दे दी गई। संशोधन के अनुसार एचसीएस (कार्यकारी शाखा) और संबद्ध सेवाओं के पद की मुख्य लिखित परीक्षा में 4 पेपर (तीन अनिवार्य और एक वैकल्पिक) होंगे। बैठक के बाद कृषि मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ ने बताया कि अनिवार्य और वैकल्पिक पेपरों के लिए पहले से अधिसूचित 23 वैकल्पिक विषयों और पाठ्यक्रम की सूची में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
हरियाणा कैबिनेट की बैठक
- फोटो : फाइल फोटो
वर्तमान में एचसीएस और संबद्ध सेवाओं की मुख्य लिखित परीक्षा में 5 पेपर अंग्रेजी, हिंदी एवं सामान्य अध्ययन के लिए एक-एक पेपर और 23 वैकल्पिक विषयों की सूची में से चुने जाने वाले दो वैकल्पिक विषयों के लिए एक-एक पेपर शामिल था। अब चार पेपर की मुख्य लिखित परीक्षा होगी। ये परीक्षा कुल 600 अंकों की रहेगी।
अंग्रेजी का पेपर-वन (अंग्रेजी निबंध सहित) और हिंदी का पेपर-टू (हिंदी निबंध सहित) (देवनागरी लिपि में) 100-100 अंकों का होगा, जबकि सामान्य अध्ययन के पेपर-3 और 23 वैकल्पिक विषयों की सूची से चुने जाने वाले एक विषय का पेपर-4, 200-200 अंक का तय किया गया है। परीक्षा के प्रश्न पत्र पारंपरिक (निबंध) प्रकार के होंगे और प्रत्येक पेपर तीन घंटे की अवधि का होगा।
उम्मीदवारों के पास भाषा या साहित्य के पेपर को छोड़कर अन्य सभी प्रश्न पत्रों का उत्तर अंग्रेजी या हिंदी में देने का विकल्प होगा। हरियाणा सिविल सेवा (कार्यकारी शाखा) नियम, 2008 में संशोधन को मंजूरी के साथ ही नए नियम प्रभावी हो गए हैं। इन नियमों में संघ लोक सेवा आयोग के नियमों के अनुरूप अधिक समानता और एकरूपता लाई गई है। इन नियमों को हरियाणा सिविल सेवा (कार्यकारी शाखा) (द्वितीय संशोधन) नियम, 2019 कहा जाएगा। जल्दी सरकार इसकी अधिसूचना जारी करेगी।
छोटा रहेगा मॉनसून सत्र
हरियाणा विधानसभा का मॉनसून सत्र इस बार छोटा रहेगा। 2 अगस्त को सत्र की शुरूआत बाद दोपहर दो बजे होगी। तीन-चार अगस्त को शनिवार और रविवार का अवकाश रहेगा। जबकि सोमवार को सरकार डबल सिटिंग कराकर सत्र खत्म कराने की तैयारी में है। सत्र की अवधि पर अंतिम निर्णय बिजनेस एडवाइजरी कमेटी करेगी।
मगर विधानसभा चुनाव के मद्देनजर सरकार छोटा ही सत्र कराने के पक्ष में है। चूंकि, अंतिम सत्र में विपक्ष सरकार को घेरने की पूरी कोशिश करेगा। मंत्रिमंडल ने विधायी कार्यों के लिए मुख्यमंत्री मनोहर लाल और बजट से संबंधित अनुपूरक मांगों के लिए मुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु को अधिकृत किया गया है।
बागवानी विवि को दी जाएगी भूमि
बागवानी में अनुसंधान एवं विकास के लिए हरियाणा कृषि उद्योग निगम के कृषि अनुसंधान एवं विकास केंद्र मुरथल की 10 एकड़ 2 कनाल और 2 मरला भूमि का कलेक्टर रेट पर व 2.90 करोड़ रुपये की बुक वैल्यू पर मौजूदा परिसंपत्तियों का तबादला महाराणा प्रताप बागवानी विश्वविद्यालय करनाल को किया जाएगा।
सोनीपत नगर निगम के चुनाव के लिए मिला एक और साल
मनोहर सरकार ने सोनीपत नगर निगम के चुनाव के लिए एक साल की और मोहलत का रास्ता साफ कर दिया है। मंत्रिमंडल बैठक में नवगठित नगर निगमों में गठन की तिथि से पांच वर्ष के भीतर चुनाव करवाने के अध्यादेश को मंजूरी दे दी गई। हरियाणा नगर निगम अधिनियम, 1994 की धारा 4 (4) के प्रावधान में सरकार ने संशोधन किया है।
अब नए गठित निगमों में चार साल के बजाए गठन के पांच साल के अंदर चुनाव कराए जा सकेंगे। सोनीपत नगर निगम को गठित हुए चार साल का समय पूरा हो चुका है, जबकि अभी तक निगम के चुनाव नहीं कराए जा सके हैं। पहले वार्डबंदी का काम लंबा खिंचा और अब राज्य चुनाव आयोग मतदाता सूचियों को अंतिम रूप देने में जुटा है। इसलिए सरकार को अधिनियम में संशोधन कर नवगठित नगर निगमों में चुनाव की अवधि पांच साल करनी पड़ी।
ग्रुप-क की भर्ती के सेवा नियम बदले
मंत्रिमंडल ने हरियाणा विधि एवं विधायी विभाग (ग्रुप क) सेवा नियम, 2019 के प्रारूप को मंजूरी दे दी है। नियमों के अनुसार कर्मचारी चयन आयोग में आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि को 21 वर्ष से कम या 42 वर्ष से अधिक आयु प्राप्त किसी भी व्यक्ति को सीधी भर्ती के जरिए सेवा में किसी भी पद पर नियुक्त नहीं किया जाएगा।
हरियाणा कैबिनेट की बैठक
- फोटो : फाइल फोटो
उप विधि परामर्शी और उप-सचिव के पद को सहायक विधि परामर्शी में से पदोन्नति अथवा राज्य सरकार या भारत सरकार की सेवा में पहले से ही कार्यरत किसी अधिकारी के स्थानांतरण या प्रतिनियुक्ति के माध्यम से भरा जाएगा। विधायी अधिकारी (हिंदी) और उप सचिव के पद को उप विधायी अधिकारी (हिंदी) में से पदोन्नति अथवा राज्य सरकार या भारत सरकार की सेवा में पहले से ही कार्यरत किसी अधिकारी के स्थानांतरण या प्रतिनियुक्ति के माध्यम से भरेंगे।
अवर सचिव (सामान्य) के पद को अधीक्षक (सामान्य)/ निजी सचिव में से पदोन्नति या किसी राज्य सरकार व भारत सरकार की सेवा में पहले से ही कार्यरत किसी अधिकारी के स्थानांतरण या प्रतिनियुक्ति के माध्यम से भरा जाएगा। उप-विधायी अधिकारी (हिंदी) के पद को कोडिफिकेशन एवं पब्लिकेशन अधिकारी (हिंदी) या सहायक विधायी अधिकारी (हिंदी) में से पदोन्नति द्वारा या सीधी भर्ती द्वारा या किसी राज्य सरकार या भारत सरकार की सेवा में पहले से ही कार्यरत किसी अधिकारी के स्थानांतरण या प्रतिनियुक्ति के माध्यम से भरा जाएगा।
सहायक विधि परामर्शी के पद को कोडिफिकेशन एवं पब्लिकेशन अधिकारी (अंग्रेजी) या अधीक्षक (विधि) में से पदोन्नति या सीधी भर्ती द्वारा या किसी राज्य सरकार या भारत सरकार की सेवा में पहले से ही कार्यरत किसी अधिकारी के स्थानांतरण या प्रतिनियुक्ति के माध्यम से भरेंगे।
अनुकंपा के आधार पर ईएसआई के बेटे को कांस्टेबल की नौकरी
हरियाणा सरकार ने ईएसआई धर्मबीर के पुत्र विकास को कांस्टेबल के पद पर नौकरी देने का निर्णय लिया है। हरियाणा मृत सरकारी कर्मचारी के आश्रितों को अनुकंपा सहायता (संशोधन) नियम, 2014 में ढील देकर यह नियुक्ति दी गई। मंत्रिमंडल ने मंगलवार को इस पर मुहर लगा दी। पत्रकारों से बातचीत में कृषि मंत्री ओपी धनखड़ ने बताया कि ईएसआई धर्मबीर को ड्यूटी के दौरान सिर में गोली लग गई थी और वह अब तक बेहोश और गंभीर स्थिति में है।
उनके उपचार पर पहले ही लगभग 20 लाख रुपये की राशि खर्च की जा चुकी है, लेकिन स्थिति गंभीर है और बचने की उम्मीद बहुत कम है। हालांकि, उसके इलाज के लिए हरियाणा पुलिस कल्याण कोष से 5 लाख रुपये की राशि और मेडिकल प्रतिपूर्ति के तहत अन्य राशि मंजूर की गई है। परिवार की वित्तीय स्थिति ऐसी नहीं है कि वह ईएसआई धर्मबीर के इलाज का खर्च वहन कर सके।
8 सितंबर, 2017 को उप-मंडलीय न्यायिक मजिस्ट्रेट, महेंद्रगढ़ (नारनौल) की अदालत के समक्ष अभियुक्तों को पेश करने के लिए ईएसआई धर्मबीर और सात अन्य पुलिस कर्मचारियों वाली पुलिस एस्कॉर्ट पार्टी को तैनात किया गया था। आरोपियों ने पुलिस हिरासत से भागने की कोशिश की और पुलिस एस्कॉर्ट पार्टी के बेहतरीन प्रयासों के बावजूद भागने में सफल रहे।
इस बीच, पांच अपराधी हथियारों के साथ आए और पुलिस पार्टी पर अंधाधुंध गोलियां बरसानी शुरू कर दीं और आरोपी को पुलिस की गिरफ्त से निकाल कर ले गए। इस हमले में ईएसआई धर्मबीर और दो अन्य पुलिस कर्मचारी गोली लगने से घायल हो गए। ईएसआई के सिर में गोली लगी थी।
ईआईसी भवन का नया पद सृजित
मंत्रिमंडल ने इंजीनियर-इन-चीफ (ईआईसी), भवन का एक नया पद सृजित करने के प्रस्ताव को स्वीकृति दी है। वे समन्वय और भवनों से संबंधित कोर्ट केस के साथ ही भवनों से संबंधित कार्य भी देखेंगे। इंजीनियर-इन-चीफ, लोक निर्माण (भवन एवं सड़कें) विभाग के मौजूदा पद को इंजीनियर-इन-चीफ, सड़कें के रूप में पुन पदनामित किया जाएगा, जो सड़कों एवं पुलों का कार्य और इन दोनों विषयों से संबंधित कोर्ट केस तथा विभाग के सभी शेष मुद्दों या कार्यों को देखेंगे। मुख्यमंत्री किसी भी समय इन दोनों इंजीनियर-इन-चीफ में से किसी एक को स्थापना कार्य आवंटित करने या विभागाध्यक्ष बनाने के लिए अधिकृत होंगे।