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हाईकोर्ट की चार बड़ी खबरें: इस मामले में हरियाणा सरकार को नोटिस, नशे पर की बड़ी टिप्पणी, आज से सभी बेंचों पर सुनवाई शुरू

Tue, 01 Feb 2022 12:00 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

एक फरवरी से हाईकोर्ट की सभी बेंचों पर सुनवाई शुरू होगी। हालांकि अभी फिजिकल सुनवाई आरंभ न करने का निर्णय लिया गया है। सुनवाई केवल वीडियो कॉंफ्रेंसिंग से ही होगी।
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पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पंजाब में धड़ल्ले से अवैध खनन कर न केवल पर्यावरण को नुकसान पहुंचाया जा रहा है बल्कि सरकारी खजाने को लूटा जा रहा है। हाईकोर्ट ने कहा कि इस प्रकार के कृत्य के आरोपी के प्रति नरमी नहीं बरती जा सकती। इस टिप्पणी के साथ ही पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने आरोपी की अग्रिम जमानत की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया।

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शहीद भगत सिंह नगर के बलाचौर पुलिस थाने में खूफिया सूचना मिली थी कि गांव मानसेवाल में अवैध खनन हो रहा है। आरोपी ट्रैक्टर-ट्राली में अवैध खनन कर रेत लेकर जा रहा है। पुलिस सूचना पर मौके पर पहुंची तो पुलिस को देखते ही आरोपी वहां से फरार हो गया। बाद में उसने अदालत में बिल पेश कर दिए और बताया कि वह अवैध माइनिंग नहीं कर रहा था। 

बिल के आधार पर उसे अग्रिम जमानत मिल गई लेकिन बाद में पता चला कि उसके द्वारा दिखाए बिल फर्जी थे। निचली अदालत से जमानत खारिज होने के बाद आरोपी ने हाईकोर्ट में जमानत याचिका दाखिल की थी। हाईकोर्ट ने आरोपी की अग्रिम जमानत की मांग को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि आरोपी से हिरासत में पूछताछ जरूरी है। 

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कोर्ट ने कहा कि अभी पुलिस को यह पता करना है कि कैसे फर्जी बिल के सहारे अवैध खनन को अंजाम दिया जा रहा है। हाईकोर्ट ने अग्रिम जमानत की मांग को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि ऐसे कृत्य के आरोपी के साथ किसी भी सूरत में नरमी नहीं बरती जा सकती। 

नर्सिंग इंस्टीट्यूट एसोसिएशन की याचिका पर हरियाणा सरकार को नोटिस
हरियाणा नर्सिंग इंस्टीट्यूट एसोसिएशन द्वारा हरियाणा सरकार की 7 दिसंबर 2021 की नीति तथा 21 जनवरी 2022 को जारी किए गए नोटिस को चुनौती दी गई है। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने एसोसिएशन की याचिका पर सुनवाई करते हुए हरियाणा सरकार, इंडियन नर्सिंग काउंसिल, केंद्र सरकार व हरियाणा नर्स परिषद को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।

एसोसिएशन ने बताया कि उनके 107 नर्सिंग संस्थान सदस्य प्रदेश भर में मौजूद हैं। इन संस्थानों में नर्सिंग से जुड़े विभिन्न कोर्स कराए जाते हैं। याची ने बताया कि सभी संस्थानों को भारतीय नर्सिंग परिषद से एनओसी प्राप्त है। याची ने बताया कि हरियाणा सरकार ने नई नीति लाकर नर्सिंग संस्थान की 10 किलोमीटर की परिधि में अस्पताल अनिवार्य कर दिया है। साथ ही संस्थानों के लिए अब इस शर्त को पूरा कर हरियाणा सरकार से नए सिरे से एनओसी अनिवार्य कर दी है। 

नीति के तहत इस शर्त को पूरा नहीं करने वाले संस्थानों को एनओसी नहीं जारी की जाएगी। साथ ही शर्त के पूरा न होने पर संस्थान में एडमिशन की अनुमति भी नहीं दी जाएगी। सरकार की इस नीति को दोषपूर्ण और मनमाना बताते हुए इसे खारिज करने की अपील की गई है। हाईकोर्ट ने याची पक्ष की दलीलें सुनने के बाद अब सभी प्रतिवादियों को नोटिस जारी कर जवाब तलब कर लिया है। 
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राज्य में नशे का ग्राफ ऊंचाइयां छू रहा पर पुलिस प्रशासन बेपरवाह: हाईकोर्ट

एनडीपीएस के एक मामले में जांच में कोताही पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब पुलिस को जमकर फटकार लगाई। हाईकोर्ट ने कहा कि राज्य में नशे का ग्राफ तेजी से बढ़ रहा है और अधिकारी अपने कर्तव्य के प्रति बिल्कुल लापरवाह हैं। बरनाला में 13 अप्रैल 2021 को दर्ज एनडीपीएस मामले में आरोपी संदीप कुमार व अन्य ने नियमित जमानत की मांग को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। 

याचिका पर सुनवाई के दौरान सामने आया कि पुलिस समय पर चालान तक पेश नहीं कर सकी। इसके साथ ही जो दवा बरामद की गई थी उसका नाम भी स्टेटस रिपोर्ट में गलत लिखा गया था। हाईकोर्ट ने कहा कि इस रवैये से ऐसा लगता है कि पुलिस अपने कर्तव्य के प्रति लापरवाह है। पुलिस से अपेक्षा की जाती है कि वह अपराध की सही जांच करे ताकि न्यायालय को इंसाफ करने में आसानी हो। 

युवा देश के उज्ज्वल भविष्य होते हैं और नशा उनके लिए सबसे बड़ा खतरा साबित होता है। नशे के मामले में इस तरह की लापरवाही युवाओं के लिए धीमा जहर साबित हो सकती है। हाईकोर्ट ने कहा कि इस प्रकार का रवैया अत्यधिक निंदनीय है और यह राज्य के लिए नशीली दवाओं के खतरे से निपटने के कार्य में गंभीर चुनौती पेश करता है।

आज से हाईकोर्ट की सभी बेंच करेंगी याचिकाओं पर सुनवाई
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश ने याचिकाकर्ताओं को बड़ी राहत देते हुए आदेश जारी किया है कि 1 फरवरी से हाईकोर्ट की सभी बेंच सुनवाई करेंगी। हालांकि हाईकोर्ट ने अभी किसी भी बेंच को फिजिकल सुनवाई की अनुमति नहीं दी है। कोरोना के बढ़ते प्रकोप के चलते ऑड इवन आधार पर सुनवाई का मुख्य न्यायाधीश ने आदेश दिया था। इसके बाद से ही रोज केवल आधे जज ही सुनवाई कर रहे थे। हालात सुधरने के बाद हाईकोर्ट की विशेष कमेटी की बैठक हुई जिसमें फैसला लिया गया था कि अब सभी बेंच सुनवाई करेंगी। हालांकि हाईकोर्ट ने फिजिकल सुनवाई आरंभ न करने का निर्णय लिया है और सुनवाई केवल वीडियो कॉंफ्रेंसिंग के जरिए ही होगी। साथ ही मेंशनिंग के लिए भी केवल वेबसाइट के माध्यम से ही आवेदन किया जा सकेगा। 
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