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Highcourt: हाईकोर्ट परिसर में अवैध अतिक्रमण, तंदूरों से तप रही इमारत, लोहे के जर्जर बक्सों से भरा फुटपाथ

Fri, 10 Mar 2023 10:44 AM IST
निवेदिता वर्मा विवेक शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

याचिकाकर्ता ने बताया कि हाईकोर्ट परिसर में अवैध वेंडरों की संख्या इतनी अधिक हो गई है कि यहां पर तेल से लेकर बादाम, फोन कवर से लेकर पेंचर की दुकान, खाने से लेकर फास्ट फूड हर चीज उपलब्ध है। कोर्ट परिसर में बनी ग्रीन बेल्ट को भी अवैध वेंडरों ने नहीं छोड़ा है।
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हाईकोर्ट परिसर में अवैध अतिक्रमण। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के परिसर में अवैध अतिक्रमण हो गया है। यहां पर सैकड़ों तंदूर लगाकर इस विरासती इमारत को ताप में बर्बाद करने और लोहे के बक्सों से भरे फुटपाथ का मामला हाईकोर्ट के रडार पर आ गया है। हाईकोर्ट ने याचिका पर रजिस्ट्रार जनरल के माध्यम से खुद को, नगर निगम के चीफ आर्किटेक्ट व एसएसपी को तीन सप्ताह में अतिक्रमण हटाने को लेकर रिपोर्ट सौंपने का आदेश दिया है।

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याचिका दाखिल करते हुए एडवोकेट पीआर यादव ने बताया कि पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट परिसर में सैकड़ों की संख्या में वेंडर कब्जा कर बैठे हैं। परिसर में जिस तरफ देखो वहां वेंडर ही वेंडर नजर आते हैं। पार्किंग से लेकर ग्रीन बेल्ट तक पर लोगों ने लोहे की बड़ी-बड़ी पेटियां लगाकर अवैध कब्जे किए हैं। लोगों ने बड़े-बड़े तंदूर लगाए हैं और म्यूजियम के सामने बनी कच्ची पार्किंग में मौजूद मृत वृक्षों का प्रयोग इन तंदूरों को सुलगाने के लिए किया जाता है। यहां तक कि लोगों के लिए बनाए फुटपाथ को भी वेंडरों ने नहीं छोड़ा और इन पर कब्जा करके वे अवैध तरीके से वेंडिंग का काम कर रहे हैं। याची ने बताया कि इन वेंडरों पर लगाम के लिए हाईकोर्ट को पत्र भी लिखा लेकिन उसका कोई लाभ नहीं हुआ। यदि आज अतिक्रमण को नहीं रोका गया तो ऐसा समय दूर नहीं होगा जब कोर्ट परिसर में सांस लेना तक मुश्किल हो जाएगा।

कोर्ट परिसर को बना दिया बाजार
याचिकाकर्ता ने बताया कि हाईकोर्ट परिसर में अवैध वेंडरों की संख्या इतनी अधिक हो गई है कि यहां पर तेल से लेकर बादाम, फोन कवर से लेकर पेंचर की दुकान, खाने से लेकर फास्ट फूड हर चीज उपलब्ध है। कोर्ट परिसर में बनी ग्रीन बेल्ट को भी अवैध वेंडरों ने नहीं छोड़ा है जिसका नतीजा यह है कि कोर्ट परिसर में खड़ा होना तक मुश्किल हो गया है। म्यूजियम के सामने कच्ची पार्किंग में मौजूद वेंडरों की शिकायत का परिणाम केवल इतना हुआ है कि यह अब म्यूजियम के सामने से हटाए गए हैं लेकिन यह पार्किंग में अभी भी मौजूद हैं।
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अवैध वेंडरों के चलते कोर्ट की सुरक्षा दांव पर
गयाची ने बताया कि हाईकोर्ट के बाहरी क्षेत्र में ही नहीं बल्कि वकीलों के लिए बनाई गई पार्किंग में भी बड़ी संख्या में लोहे के बॉक्स मौजूद हैं जिनका उपयोग वेंडरों द्वारा किया जाता है। इन वेंडरों के इन बॉक्स में कुछ भी मौजूद हो सकता है या फिर इनका उपयोग असामाजिक तत्व किसी अप्रिय घटना को अंजाम देने के लिए कर सकते हैं। ऐसे में इनके खिलाफ कार्रवाई करने का आदेश देना चाहिए।

कोर्ट के पर्यावरण को किया जा रहा बुरी तरह प्रभावित
याची ने बताया कि हाईकोर्ट की बिल्डिंग हेरिटेज है और अवैध वेंडर कोर्ट परिसर का पर्यावरण खराब कर रहें हैं। तंदूरों व गैस भट्ठियों के कारण यहां की हवा प्रदूषित हो रही है। इसके साथ ही वेंडर अपने बचे हुए कचरे को वन परिसर में फेंक रहे हैं जो न केवल पर्यावरण बल्कि यहां मौजूद जीवों के लिए भी हानिकारक साबित हो रहा है। याची ने अपील की है कि इन सब पर रोक लगाने का आदेश दिया जाए।

धुंआ लोगों के लिए ही नहीं इमारत के लिए भी घातक
याचिका में बताया गया कि हाईकोर्ट को मांगपत्र देकर इस परिसर को स्मोकिंग फ्री बनाने की मांग की गई थी। इस मांग पर विचार नहीं किया गया और अभी भी यहां पर रोटियां बनाने की तंदूरों में वन क्षेत्र व वैश्विक धरोहर में मौजूद मृत वृक्षों की लकड़ियों का इस्तेमाल किया जा रहा है। यहां मौजूद गैस की भट्ठियों में पूरा दिन काम होता है और दूषित वायु न केवल लोगों बल्कि विरासती इमारत के लिए भी घातक साबित हो रही है।

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