सुबह सामान्य, दोपहरण के बाद बढ़ जाता है अतिक्रमण
सेक्टर-15 निवासी अर्जुन ने बताया कि सुबह दुकानें खुलने के साथ सब सामान्य लगता है लेकिन दोपहर ढलते ढलते अतिक्रमण बढ़ने लगता है। शाम 5 बजे के बाद जब पंजाबी यूनिवर्सिटी के छात्र और आसपास के लोग यहां आते हैं तो भीड़ बढ़ती है और अवैध वेंडर बड़ी संख्या में नजर आते हैं। दुकानें भी आगे तक बढ़ी रहती हैं।
केस एक
10 फीट तक दुकानें आगे बढ़ा देते हैं दुकानदार
सेक्टर-15 का पटेल मार्केट में गलियारों के अंदर तक दुकानें बढ़ जाती हैं। कई दुकानदार करीब 10 फीट तक अपनी दुकानें आगे बढ़ा देते हैं। शाम होते होते यहां कई अवैध वेंडर आ जाते हैं। यहां तक कि दुकानें पार्किंग एरिया के पास तक पहुंच जाती हैं। पिछले दिनों नगर आयुक्त ने यहां का दौरा किया था तो उस समय दुकानें अंदर कर ली गई थीं और उनके जाते ही फिर से अवैध अतिक्रमण शुरू हो गया।
कारोबारी बोले- अब शिकायत करना भी बेकार लगता है
केस दो - सेक्टर-21डी मार्केट की पार्किंग में वेंडरों ने ढाबा चलाना शुरू कर दिया है। कई लोग यहां कुर्सी लगाकर खाना खिलाते हैं जबकि उन्हें सिर्फ 5 बाई 5 की जगह अलॉट की गई है। कुछ लोगों के पास सेक्टर 15 में दुकान लगाने का लाइसेंस है लेकिन वे सेक्टर-21 डी मार्केट में कारोबार कर रहे हैं। यहां कभी नगर निगम की टीम नहीं आती। स्थानीय कारोबारियों का कहना है कि अब शिकायत करना भी बेकार लगता है।
प्रशासक से भी लगाई गुहार
चंडीगढ़ व्यापार मंडल ने अवैध वेंडर और अतिक्रमण को लेकर पंजाब के राज्यपाल और चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाबचंद कटारिया से मुलाकात कर ज्ञापन दिया है। अध्यक्ष संजीव चड्ढा ने कहा कि अतिक्रमण के कारण असली दुकानदारों का कारोबार प्रभावित हो रहा है और त्वरित कार्रवाई जरूरी है।
वसूली के आरोप भी लग चुके
नगर निगम प्रवर्तन दल के इंस्पेक्टर्स द्वारा अवैध वसूली के आरोप पहले भी लग चुके हैं। निगम कर्मचारी विकास ने वीडियो जारी करके दावा किया था कि कई बाजारों में लाखों रुपये की वसूली होती है। इस मामले की विजिलेंस जांच भी जारी है और फाइनेंस विंग द्वारा संपत्तियों की जांच भी की जा रही है। इसके बावजूद अतिक्रमण पर कोई ठोस नियंत्रण नहीं दिख रहा।
वर्जन
बाजारों में अभियान लगातार चलाया जा रहा है। पहले कर्मचारियों की संख्या कम थी लेकिन अब इसे बढ़ाया गया है। जल्द ही सभी बाजारों से अवैध अतिक्रमण और वेंडर हटाए जाएंगे। इसकी मॉनिटरिंग की जा रही है।
— अमित कुमार, नगर आयुक्त