फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट नहीं लिया है, तो आग पर काबू पाने में आने वाले खर्च का भुगतान करना होगा। नगर निगम सदन की बैठक में यह एजेंडा आ रहा है। आग लगने के कारणों की रिपोर्ट लेने के लिए भी अब पेमेंट करनी होगी। इस पर 18 प्रतिशत जीएसटी भी लगेगा।
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फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट के लिए बार-बार जागरूक करने के बाद भी लोग नहीं ले रहे हैं। डिपार्टमेंट ने ऐसे लोगों के खिलाफ नई रणनीति बनाई है। अधिकारियों का मानना है कि कॉमर्शियल एरिया में आग लगने की घटनाओं पर काबू पाने में नगर निगम का काफी पैसा खर्च जाता है। जांच में पता चलता है कि संबंधित दुकानदार या शोरूम संचालक ने फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट ही नहीं लिया था।
कई बार ऐसे में जानमाल का भी नुकसान होता है। इन घटनाओं पर रोक लगाने के लिए निगम ने नई व्यवस्था लागू करने की योजना बनाई है। जो लोग फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट नहीं लेंगे, उनके दुकान या शोरूम में आग बुझाने का खर्च भी उन्हें ही देना होगा। अधिकारियों का मानना है कि इन खर्चों से बचने के लिए लोग जिम्मेदारी के साथ फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट लेंगे। वहीं, आग लगने के कारणों को जानने और घटना से संबंधित फायर ब्रिगेड की रिपोर्ट केलिए भी लोगों को रुपये देने होंगे। वर्तमान में लोग कई बार रिपोर्ट मांगने लगते हैं।
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गुजरात हादसे के बाद भी नहीं सुधरे
निगम के अधिकारियों का कहना है कि गुजरात में हुए हादसे के बाद शहर में कई दुकानदार, शोरूम व कोचिंग संचालकों को नोटिस दिए जा चुके हैं। वहीं, लोगों को जागरूक करने के लिए अभियान भी चलाया गया, लेकिन लोगों ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। कुछ लोग ही फायर सेफ्टी के लिए सर्टिफिकेट लेने आए। शेष लोगों ने नोटिस को ठंडे बस्ते में डाल दिया, इसलिए यह नई योजना बनाई गई है।
हर चार घंटे में बढ़ जाएंगे चार्ज
हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म कम टर्न टेबल लैडर व्हीकल का प्रयोग करने पर पहले चार घंटे के लिए 8 हजार रुपये, अगले चार घंटे के लिए 12 हजार रुपये और आठ घंटे के बाद 16 हजार रुपये चार्ज देना होगा। वहीं, वाटर टेंडर, वाटर बॉसर, मल्टीपर्पज टेंडर का प्रयोग करने पर पहले चार घंटे के लिए 5 हजार रुपये, अगले चार घंटे के लिए 10 हजार रुपये और आठ घंटे के बाद 15 हजार रुपये चार्ज देना होगा।
इसी तरह मोटर साइकिल विद एएफटी किट का प्रयोग करने पर पहले चार घंटे के लिए तीन हजार रुपये, अगले चार घंटे के लिए पांच हजार रुपये और आठ घंटे के बाद 8 हजार रुपये चार्ज देना होगा। इन सब खर्चों पर 18 प्रतिशत जीएसटी अलग से लगेगा।
स्टैंडिंग ड्यूटी के लिए अब प्रति घंटा एक हजार रुपये
मेला, सांस्कृतिक आयोजन सहित कई अन्य आयोजनों में फायर ब्रिगेड की गाड़ी मंगवाने के लिए भी अब चार्ज बढ़ा दिया गया है। पहले 500 रुपये प्रति घंटे के हिसाब से चार्ज किया जाता था। अब प्रति घंटा एक हजार रुपये चार्ज देना होगा। विभिन्न आयोजनों में बढ़ती डिमांड के कारण यह निर्णय लिया गया है।
इंडस्ट्रियल एरिया में सड़क बनाने वाली करोड़ों रुपये की मशीनें डंप पड़ी हैं। कुछ मशीनें तो ऐसी हैं, जिनका कभी उपयोग ही नहीं किया गया। चूंकि अधिकारियों ने काफी समय पहले इन मशीनों को मंगवा लिया था। उसके बाद चंडीगढ़ में सड़क बनाने की तकनीक ही बदल गई।
इस कारण मशीनों का उपयोग नहीं हुआ और कबाड़ हो गईं। अधिकारियों का मानना है कि मशीनों से स्टोर भी भरा पड़ा है और उसका उपयोग भी नहीं हो पा रहा है, इसलिए अब इन मशीनों को बेचने के लिए एजेंडा लाया जा रहा है।
पुराने चार एजेंडे को मिलाकर आएंगे कुल 13 एजेंडे
सदन की बैठक में रोज फेस्टिवल, शहर में तीन स्थानों पर गारबेज ट्रांसफर स्टेशन कम मैटीरियल रिकवरी सेंटर बनाने, पुराने एसटीपी को अपडेट करने व नए एसटीपी के बनाने सहित उनके मेंटीनेंस, शहर में 24 घंटे वाटर सप्लाई का एजेंडा फिर से बैठक में आएगा।
इसके अलावा स्वच्छ भारत अभियान के तहत कचरे से खाद बनाने के लिए मलोया में मशीन लगाने, कैटल पाउंड में गायों को खिलाने केलिए सूखे और गीले चारे का टेंडर, धनास की मिल्क कॉलोनी में वी 6 रोड पर 104.61 लाख रुपये में पीसीसी टाइल्स लगाने, सेक्टर 23 बी स्थित श्री महावीर मंदिर को प्रॉपर्टी टैक्स में छूट देने को लेकर भी एजेंडा आएगा।