चंडीगढ़। पीजीआई में आठवीं वार्षिक नेशनल न्यूट्रिशन कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया। पीजीआई निदेशक प्रो. विवेक लाल ने कहा कि स्वस्थ जीवन के लिए केवल सही खान-पान ही पर्याप्त नहीं है। खुश रहना और नियमित एक्सरसाइज करना भी पोषण का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने कहा कि डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी खुद खुश नहीं होंगे तो मरीज को सकारात्मक महसूस नहीं करा पाएंगे।
प्रो. विवेक लाल ने अपने एक बैचमेट का उदाहरण देते हुए बताया कि वह रोजाना नौ अंडों का ऑमलेट खाता था, लेकिन उसे न तो डायबिटीज थी और न ही हाइपरटेंशन। उन्होंने रूसी मोदी का भी उदाहरण दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि इन उदाहरणों का उद्देश्य किसी एक खाद्य पदार्थ को डाइट की सलाह देना नहीं, बल्कि यह बताना है कि सेहत का आकलन केवल किसी एक चीज के आधार पर नहीं किया जा सकता।
उन्होंने कहा कि उनके ऑफिस में ग्रीन टी या ब्लैक कॉफी नहीं है। वह आज भी अपनी पुरानी साइकिल चलाते हैं। उन्होंने लोगों को सुबह जल्दी उठने, एक्सरसाइज करने और प्रकृति के बीच समय बिताने की सलाह दी।
प्रो. विवेक लाल ने कहा, “यदि आप डाइट चार्ट लेकर मरीज के सामने डोनाल्ड ट्रंप जैसा मुंह बनाकर जाएंगे तो मरीज का मनोबल नहीं बढ़ेगा।” उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि नियमित एक्सरसाइज करने वाले व्यक्ति के लिए कभी-कभी पीजीआई का ब्रेड पकौड़ा भी चल सकता है।
सम्मेलन में विशेषज्ञों ने आंतों में मौजूद अच्छे बैक्टीरिया और उनके स्वास्थ्य पर प्रभाव पर चर्चा की। बताया गया कि प्याज, लहसुन, केला और फाइबर युक्त फल-सब्जियां प्रीबायोटिक्स के स्रोत हैं। सही खान-पान से आंतों की सेहत बेहतर होने के साथ ब्लड शुगर नियंत्रण और पोषक तत्वों के अवशोषण में मदद मिल सकती है।
कार्यक्रम में किडनी मरीजों के लिए प्लांट बेस्ड लो प्रोटीन डाइट पर आधारित किताब का विमोचन भी किया गया। इसे चीफ डायटीशियन डॉ. नैन्सी साहनी ने लिखा है। किताब में प्रोटीन, पोटैशियम, फॉस्फोरस और ऊर्जा की जरूरत को ध्यान में रखते हुए संतुलित आहार के विकल्प दिए गए हैं। सम्मेलन का आयोजन पीजीआई के डायटेटिक्स विभाग और न्यूट्रिशन सोसाइटी ऑफ इंडिया के चंडीगढ़ चैप्टर ने किया।