लॉकडाउन के कारण नौकरियों पर भारी संकट को देखते हुए कनाडा सरकार लेबर मार्केट इंपेक्ट एसेसमेंट (एलएमआईए) पर किसी समय भी प्रतिबंध लगा सकती है। इसको लेकर कनाडा में मंथन शुरू हो गया है। यदि ऐसा हुआ तो एक लाख से अधिक भारतीय प्रोफेशनल पर असर पड़ेगा, जो इस साल कनाडा में नौकरी करने का सपना देख रहे थे।
क्या होती है एलएमआईए...
कनाडा की कंपनी किसी पद के लिए कर्मचारी की तलाश करती है। उपयुक्त कर्मचारी न मिलने पर कंपनी चार माह तक विज्ञापन देकर अपनी औपचारिकता पूरी करती है। इसके बाद कंपनी की तरफ से कनाडा सरकार को आवेदन दिया जाता है कि उनको किसी अन्य देश से कर्मचारी बुलाने की आज्ञा दी जाए क्योंकि कनाडा में उपयुक्त कर्मचारी नहीं मिल पा रहा है।
इसमें लगभग 2 महीने लगते हैं। इसके बाद कनाडा सरकार किसी अन्य देश से कर्मचारी को नियुक्त करने की आज्ञा देती है। इसको एलएमआईए कहा जाता है। एलएमआईए प्राप्त करने के बाद, कर्मचारी को नियुक्त कर वर्क वीजा के लिए आवेदन किया जाता है। औसतन, 6 महीने में वर्क वीजा दिया जाता है।
इसके बाद जिस व्यक्ति को वर्क परमिट मिलता है, वह अपनी पत्नी व बच्चों को कनाडा ले जा सकता है। बच्चों की शिक्षा मुफ्त होती है जबकि पत्नी को भी वर्क परमिट साथ मिल जाता है। वर्क वीजा के दौरान ही नियमित समय पूरा करने के बाद कर्मचारी व उसके परिवार को पक्के तौर पर कनाडा में रहने की सुविधा मिल जाती है।
77 हजार भारतीय प्रोफेशनल इस साल कनाडा में जॉब करने की तैयारी में थे
2018 में कनाडा सरकार की तरफ रोड मैप तैयार किया गया था। इसमें तीन साल में 2 लाख 25 हजार भारतीय प्रोफेशनल को कनाडा में नौकरी देने की तैयारी थी। इसके तहत 2018 में 73 हजार, 2019 में 75 हजार व 2020 में 77 हजार भारतीयों को एलएमआईए देने की योजना थी।
भारी संख्या में लोगों की नौकरियां चली गई हैं, असर हो रहा है : परविंदर
कनाडा में एटमिंटन में इंपीरिपयल इमिग्रेशन के डायरेक्टर परविंदर जीत सिंह का कहना है कि लॉकडाउन का असर भारतीय प्रोफेशनल पर काफी अधिक हुआ है। काफी लोगों की नौकरियां चली गई हैं लेकिन फिर भी भारतीय लोग चुनौती का सामना कर रहे हैं। सरकार की तरफ से जिन लोगों की नौकरियां गई हैं, उनको वापस लाने के लिए पूरा जोर लगाया जा रहा है, इसका असर एलएमआईए पर हो सकता है।