इसके तहत ग्रुप-डी के विभिन्न पदों के लिए योग्यता के मानदंडों में एकरूपता लाने, प्रतीक्षा सूची तैयार करने में प्रावधान करने, वरिष्ठता, परिवीक्षा के निर्धारण में एकरूपता लाने, अधिनियम के प्रारंभ होने के तीन वर्ष की अधिकतम अवधि के भीतर कठिनाइयों को दूर करने के लिए अधिकार के प्रावधान के अलावा भर्ती, स्थानांतरण और इस्तीफे तथा स्वीकृति के माध्यम से छुट्टी, पदोन्नति, नियुक्ति के मामले में अपील करने और उसे शीघ्र अतिशीघ्र राज्य विधानमंडल के समक्ष प्रस्तुत करने के उद्देश्य से हरियाणा ग्रुप-डी कर्मचारी (भर्ती एवं सेवा की शर्तें) अधिनियम, 2018 लागू किया गया था।
हालाकि, राज्य सरकार को उक्त अधिनियम के प्रावधानों की व्याख्या करते समय कुछ कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। इन कठिनाई को कम करने के लिए, अधिनियम में कुछ संशोधन करना आवश्यक था। उधर, हरियाणा में अब इलेक्ट्रिकल व मैकेनिकल डिग्री होल्डर भी पीडब्ल्यूडी में इंजीनियरिंग-इन-चीफ बन सकेंगे।
हरियाणा सरकार ने पीडब्ल्यूडी ग्रुप ए के नियमों में संशोधन कर दिया है। इसके साथ-साथ सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग में ग्रुप ए के संशोधन को पहले ही मंजूरी दी जा चुकी है। पीडब्ल्यूडी के ग्रुप ए संशोधन से विभाग के इंजीनियर को भी सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग के इंजीनियर के समान सुविधाएं मिलेगी।