चंडीगढ़। सेक्टर-35 के आईएमए कांप्लेक्स में रविवार को मेडिको लीगल एक्शन ग्रुप का 12वां वार्षिक सम्मेलन हुआ। इसमें चिकित्सा जगत और कानून के क्षेत्र से जुड़े करीब 300 विशेषज्ञों ने भाग लिया। सम्मेलन का फोकस बढ़ती मेडिको-लीगल चुनौतियों के बीच डॉक्टरों के लिए सुरक्षित और पारदर्शी कार्य वातावरण सुनिश्चित कराने का उपाय था। मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित हुए सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस राजेश बिंदल ने कहा कि यदि समाज को बचाना है तो हमें डॉक्टरों को सुरक्षित रखना होगा।
मेडिको-लीगल विवादों में बढ़ोतरी पर चिंता जताते हुए जस्टिस राजेश बिंदल ने कहा कि किसी भी मुकदमे या विवाद की स्थिति में सही और सटीक डॉक्यूमेंटेशन बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने चिकित्सकों से अपील की कि वे रिकॉर्ड-कीपिंग में सावधानी बरतें, मरीजों के साथ पारदर्शी संवाद बनाए रखें और स्थापित प्रोटोकॉल का पालन करें ताकि अनावश्यक कानूनी उलझनों से बचा जा सके।
मेडिको-लीगल जागरूकता को बढ़ावा देने पर जोर, महेंद्र बाजपेयी सम्मानित
स्वागत भाषण में एमएलएजी के मैनेजिंग ट्रस्टी डॉ. नीरज नागपाल ने बताया कि इस वर्ष के सम्मेलन का केंद्रीय विषय मुकदमेबाजी, मुक्त अभ्यास प्राप्त करना, डॉक्टरों के लिए कानूनी रूप से सुरक्षित और नैतिक रूप से सुदृढ़ वातावरण बनाने की तत्काल आवश्यकता को दर्शाता है। इस अवसर पर डॉ. टी सेतु लक्ष्मी अवॉर्ड 2026 महेंद्र बाजपेयी को प्रदान किया गया। उन्हें चिकित्सा समुदाय में मेडिको-लीगल जागरूकता और सहयोग तंत्र को मजबूत करने में महत्वपूर्ण योगदान के लिए सम्मानित किया गया।