फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Chandigarh News: सरकारी मकान मिला तो 14 दिन में लें कब्जा, चूके तो एक साल बाहर

विज्ञापन
विज्ञापन
चंडीगढ़। चंडीगढ़ प्रशासन ने सरकारी कर्मचारियों के लिए सरकारी आवासों के आवंटन की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से सरकारी आवास (चंडीगढ़ प्रशासन जनरल पूल) आवंटन (संशोधन) नियम-2026 अधिसूचित कर दिए हैं। नए नियम तत्काल प्रभाव से लागू हो गए हैं। संशोधित प्रावधानों में सरकारी मकानों के आवंटन, तकनीकी कब्जा (पेपर पोजेशन), वास्तविक कब्जा (फिजिकल पोजेशन) और लाइसेंस फीस से जुड़े नियमों को स्पष्ट रूप से परिभाषित किया गया है।
विज्ञापन

नए नियमों के अनुसार जिस कर्मचारी को सरकारी आवास आवंटित होगा, उसे आवंटन पत्र मिलने के बाद निर्धारित अवधि के भीतर संबंधित जूनियर इंजीनियर (जेई) से संपर्क कर मकान का कब्जा लेना होगा। यह समय सीमा आवास की श्रेणी के अनुसार 14 या 21 दिन होगी। यदि कर्मचारी 14 दिनों के भीतर आवंटन स्वीकार नहीं करता या कब्जा नहीं लेता, तो वह आवंटन पत्र जारी होने की तारीख से अगले एक वर्ष तक किसी अन्य सरकारी आवास के लिए पात्र नहीं रहेगा।
पहले पेपर पोजेशन, फिर मिलेगा मकान का फिजिकल कब्जा
प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि तकनीकी कब्जा लेने के बाद कर्मचारी को पांच कार्य दिवस के भीतर रखरखाव एजेंसी से मकान का फिजिकल पोजेशन लेना होगा। यदि मकान तत्काल रहने योग्य स्थिति में नहीं है, तो पहले पेपर पोजेशन रिपोर्ट जारी की जाएगी। आवश्यक मरम्मत और अन्य कार्य पूरे होने के बाद आवास को रहने योग्य घोषित कर फिजिकल पोजेशन रिपोर्ट जारी होगी और कर्मचारी को वास्तविक कब्जा सौंपा जाएगा।
विज्ञापन

देनदारी फिजिकल पोजेशन लेने की तारीख से होगी लागू
संशोधित नियमों में लाइसेंस फीस से जुड़े प्रावधान भी बदले गए हैं। अब कर्मचारी पर लाइसेंस फीस की देनदारी फिजिकल पोजेशन लेने की तारीख से लागू होगी। हालांकि, यदि कोई कर्मचारी आवंटन स्वीकार करने के बावजूद तय समय में तकनीकी कब्जा लेने की प्रक्रिया पूरी नहीं करता, तो उससे एक महीने की लाइसेंस फीस तथा उस तिथि तक का शुल्क वसूला जाएगा, जब तक किसी नए आवंटी को मकान का कब्जा नहीं मिल जाता। दोनों में जो अवधि पहले होगी, उसी के आधार पर शुल्क निर्धारित किया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें