हरियाणा के आईएएस अधिकारी अशोक खेमका को राबर्ट वाड्रा के खिलाफ आवाज उठाना अब महंगा नहीं पड़ा है। केंद्र सरकार अब खेमका की सेवाएं लेने जा रही हैं।
केंद्र में जाकर खेमका किस विभाग में अपनी सेवाएं देंगे, इस पर अफसरशाही से लेकर आम जनता तक की नजरें टिकी हैं। हरियाणा सरकार की दखलंदाजी से आजिज खेमका अपने किसी भी फैसले और काम को गलत नहीं ठहराते हैं।
दिल्ली में खेमका संयुक्त सचिव के पद पर ज्वाइन करेंगे। खेमका ने अपनी सेवाएं केंद्र को सौंपने संबंधी पत्र राज्य सरकार को मार्च में दिया था, जिसे राज्य सरकार ने केंद्र को भेज दिया था।
उस समय केंद्र में यूपीए की सरकार थी। इसीलिए खेमका की प्रतिनियुक्ति को हरी झंडी नहीं मिली। उनके आवेदन पर केंद्र सरकार ने अब विचार किया है।
केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर जाने से खेमका उत्साहित
अक्तूबर 2012 में उन्होंने निदेशक चकबंदी रहते हुए हरियाणा में जमीनों के आवंटन को लेकर सवाल खड़ा किया था। इसके बाद सरकार ने खेमका को बीज विकास निगम का एमडी लगा दिया लेकिन उन्होंने यहां भी रैक्सिल की खरीद पर सवाल खड़ा का दिया।
इसके बाद सरकार ने उन्हें पुरातत्व विभाग में नियुक्त किया। चंडीगढ़ के सेक्टर-17 स्थित सचिवालय के कोने के एक छोटे से कमरे में बैठने वाले खेमका अब उत्साहित नजर आ रहे हैं।
हालांकि उनके पास अब तक केंद्र की ओर से कोई आधिकारिक जानकारी नहीं आई है लेकिन उम्मीद है कि वे शीघ्र ही राज्य सरकार द्वारा केंद्र के आदेश आते ही रिलीव कर दिए जाएंगे।
22 वर्ष की नौकरी में 45 तबादले
फैसला: 12 अक्तूबर 2012 को चकबंदी महानिदेशक रहते हुए खेमका ने वाड्रा डीएलएफ डील की म्यूटेशन रद्द की
असर: सरकार ने इस प्रकरण के बाद खेमका का स्थानांतरण हरियाणा बीज विकास निगम के महानिदेशक पद पर कर दिया
रैक्सिल दवा खरीद में हुई गड़बड़ी पर उंगली उठाई, मामला हाईकोर्ट तक पहुंचा।
खेमका तबादले के बाद भी सुर्खियों में बने रहे, उनके मीडिया में जाने पर सरकार ने सवाल खड़े किए। सरकार ने वाड्रा डीएलएफ मामले में तीन अधिकारियों की कमेटी बनाई। कमेटी ने जांच में पाया खेमका द्वारा रद्द की गई म्यूटेशन उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं थी।
इसके बाद सरकार ने खेमका को चार्जशीट किया, यह चार्जशीट रात के समय उनकी अनुपस्थित में घर पर थमा दी गई। खेमका के खिलाफ सीबीआई जांच की भी सिफारिश की गई लेकिन बाद में सरकार पीछे हट गई।
फिलहाल कैग की रिपोर्ट में खेमका के कार्यकाल में गेल्वैल्यूम शीट की खरीद में हुई अनियमितताओं पर उंगली उठी है। यह रिपोर्ट मुख्य सचिव ने संबंधित विभाग को टिप्पणी के लिए भेजी है। इस समय खेमका पुरातत्व विभाग में सचिव के पद पर तैनात प्रतिनियुक्ति के आदेशों का इंतजार कर रहे हैं।