हरियाणा के दो वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अशोक खेमका और संजीव वर्मा द्वारा एक-दूसरे के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने का मामला हाईकोर्ट पहुंच गया है। लोगों का सरकार से विश्वास ना उठे इसलिए विवाद का निपटारा करने के लिए उचित निर्देश जारी करने की जनहित याचिका में अपील की गई है।
जनहित याचिका दाखिल करते हुए एडवोकेट जगमोहन भट्टी ने हाईकोर्ट को बताया कि हाल ही में दोनों वरिष्ठ आईएएस अधिकारी चर्चा में है। दोनों आईएएस अधिकारियों ने एक-दूसरे के खिलाफ आईपीसी की विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कराया है। याचिका में कहा गया कि जिस प्रकार से दो आईएएस अधिकारी आपस में भिड़ रहे हैं उससे लोगों में सरकार के प्रति विश्वास कम हो रहा है।
जांच एजेंसियों को इस मामले में संवेदनशील तरीके से जांच करने का निर्देश जारी करने की अपील की गई है। इसके साथ ही इस मामले में डीजीपी को दखल देने और इन मामलों की खुद निगरानी करने का निर्देश जारी करने की अपील की गई है। मामला हरियाणा के दो वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों के बीच के विवाद से जुड़ा है ऐसे में याचिका में हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल और कैबिनेट मंत्री अनिल विज को नाम से प्रतिवादी बनाया गया है। याचिका हाईकोर्ट की रजिस्ट्री में दाखिल कर दी गई है जिस पर जल्द सुनवाई संभव है।