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मैं मोदी भक्त हूं, पटियाला को स्मार्ट सिटी बनाऊंगा : जनरल

Wed, 25 Jan 2017 12:59 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, पटियाला
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जनरल जेजे सिंह
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पटियाला शहरी विधानसभा सीट से शिरोमणि अकाली दल प्रत्याशी जनरल जेजे सिंह का कहना है कि वे सत्ता सुख भोगने नहीं, पटियाला शहर को स्मार्ट सिटी के इरादे से चुनाव में उतरे हैं। 
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डोर टू डोर प्रचार अभियान में व्यस्त जनरल जेजे सिंह ने वरिष्ठ पत्रकार हर्ष कुमार सलारिया से बात की और अपने राजनीति में आने के कारण, पटियाला के लोगों की समस्याएं और कैप्टन अमरिंदर सिंह के पटियाला के प्रति व्यवहार अपनी दो टूक राय रखी। 

प्रश्न : डोर टू डोर प्रचार अभियान में अब तक शहर के कितने लोगों से जुड़े?
उत्तर : मैं हर रोज 18 घंटे काम कर रहा हूं और अब तक 50 फीसदी लोगों से घर-घर जाकर मिला हूं। यह अभियान जारी है और लोगों का बहुत सकारात्मक रिस्पांस मिल रहा है। बाकी प्रत्याशियों के पास चुनाव प्रचार के लिए केवल 12 दिन ही शेष रह गए हैं लेकिन 18 घंटे काम करने के कारण मेरे लिए तो इतना समय भी 36 दिन के बराबर है। जैसे-जैसे मैं लोगों से मिलता जा रहा हूं, लोग अकाली दल के साथ जुड़ते जा रहे हैं। इस बार कांग्रेस को यहां जगह नहीं मिलेगी।
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प्रश्न : पटियाला की ऐसी कौन सी समस्याएं हैं, जिनके बारे में आपको लगता है कि मौजूदा विधायक उन्हें सुलझा नहीं सके?
उत्तर : पटियाला से चुने जाने वाले कांग्रेस के विधायक शाही परिवार से ही संबंधित रहे हैं और वे आज तक खुद को राजा ही मानते हैं। अगर खुद को जनता का सेवादार मानते तो जरूर कुछ काम करते। पटियाला और यहां के लोगों के हित में अब तक कोई काम नहीं किया गया। बीते दस साल में भी प्रदेश की शिअद-भाजपा सरकार ने ही विकास कार्य कराएं हैं और इन कामों को अब आगे बढ़ाना है ताकि पटियाला के लोगों का जीवनस्तर और सुधरे। साथ ही यह शहर देश के नक्शे पर स्मार्ट शहर के रूप में अपना नाम दर्ज कराए।
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'कैप्टन गुमशुदा हैं, कभी नहीं आए यहां'

= - फोटो : File Photo
प्रश्न : आप केंद्र में कांग्रेस के शासन में ही सेना प्रमुख बने और कांग्रेस ने ही आपको अरुणाचल प्रदेश का गवर्नर बनाया। अब चुनाव अकाली दल के टिकट पर लड़ रहे हैं, क्या इस संबंध में कभी कांग्रेस से भी कोई बात हुई थी?
उत्तर : कांग्रेस से मेरी कभी कोई बात नहीं हुई। जहां तक सेना प्रमुख पदोन्नत होने का सवाल है, मेरी पदोन्नति सीनियोरिटी के आधार पर हुई थी। जनरल माणेक शाह के बाद मैं ही एक ऐसा हूं, जो जंग के दौरान घायल हुआ था। मैंने 64 साल में से 30 साल का कैरियर देश की सभी सीमाओं पर ड्यूटी करते हुए बिताया है। मुझे सेना का चीफ ही नहीं, अरुणाचल का गवर्नर भी बनाया गया क्योंकि उस बार्डर स्टेट में एक ताकतवर और अनुशासित व्यक्ति की जरूरत थी। मैंने वहां साढ़े पांच साल में तीन सीएम बदलते देखे और तीन नए सीएम बनाए। कांग्रेस ने पंजाबियों पर जुल्म किए और उस पार्टी में सिखों के लिए सम्मान नहीं है।

प्रश्न : अकाली दल ने आपको टिकट ऑफर की या आपने टिकट की मांग की?
उत्तर : दरअसल मैं पक्का मोदी भक्त हूं या यूं कहूं कि मैं मोदी जी को बहुत चाहता हूं। काम करने वाले और सेवा भाव रखने वाले अफसरों के प्रति उनका नजरिया बेहद अपनत्व वाला है। मेरा बचपन पटियाला में बीता है और मैं इस शहर और शहर के लोगों के लिए सेवाभाव और पूरी लगन से काम करना चाहता हूं। मैंने महसूस किया कि इस काम के लिए सियासत में पहुंच भी जरूरी है जिससे प्रशासनिक कामों में आसानी हो जाती है और मुझे भी लोगों की सेवा करने में आसानी होगी।

प्रश्न : कैप्टन अमरिंदर सिंह अपनी जीत का दावा कर रहे हैं?
उत्तर : वह गुमशुदा है और पटियाला कभी नहीं आया। शहर के किसी भी आदमी से पूछ लें कि कैप्टन कभी उनसे मिला हो या उसने किसी आम आदमी से हाथ मिलाया हो। वह खुद को आज भी राजा-महाराजा समझते हैं और पटियाला की जनता को अपनी प्रजा। उन्हें पता नहीं कि राजा-महाराजा का जमाना गया। वे अपनी आदतें बिगाड़ें बैठे हैं। अब राज जनता का है। वह हमेशा झूठ बोलकर सत्ता में आए। इस बार इस शाही खानदान की छुट्टी हो जाएगी।

प्रश्न : आपको मौका मिला तो जीतने के बाद पटियाला का ऐसा कौन का काम है, जिसे आप सबसे पहले करना चाहेंगे?
उत्तर : मैं पटियालावासियों की खुशहाली चाहता हूं। नेता जीतने के बाद शपथ लेते हैं और फिर उसे भूल जाते हैं। मैं लोगों के बीच विश्वास हासिल कर रहा हूं। मैं शपथ नहीं भूलूंगा और पटियाला के लोगों को बेहतरीन जीवनस्तर मुहैया करवाऊंगा। किसी भी नेता को जनता का रोल मॉडल होना चाहिए। कैप्टन के बारे में सभी जानते हैं। उनके पाक के लोगों से संबंध हैं। कैप्टन को बताना चाहिए क्योंकि वे सार्वजनिक जीवन जी रहे हैं, यह उनका व्यक्तिगत मामला नहीं रह गया है। सेना में तो ऐसे व्यक्ति को शक की नजर से देखा जाता है। 
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