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चार गांवों ने किया चुनाव के बायकॉट का एलान, पार्टियों को बड़ा नुकसान

Wed, 25 Jan 2017 12:31 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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पंजाब विधानसभा चुनाव
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पंजाब की राजधानी चंडीगढ़ से सिफ तीन किलोमीटर और डिप्टी सीएम सुखबीर बादल के ड्रीम प्रोजेक्ट न्यू चंडीगढ़ से सिर्फ एक किलोमीटर की दूरी पर स्थित गांव इस बार वोटिंग नहीं करेंगे। 
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चार गांवों ने चुनाव के बायकॉट का एलान किया है। क्योंकि सरकारें बदलती रहीं, पर आज तक इन्हें बुनियादी सुविधाएं तक मुहैया नहीं कराई गई हैं। चंडीगढ़ प्रेस क्लब में माजरिया, गूढ़ा कसौली, करौंदा वाला और भिघंडी गांवों के पाल सिंह, भूपिंदर सिंह व मक्खन सिंह आदि ने अपनी व्यथा बताई। 

उन्होंने बताया कि यहां सिर्फ नौ फीट चौड़ी सड़क है। पहाड़ी इलाका होने के कारण नदियां काफी हैं। पर किसी सरकार ने यहां सड़क, पुल या पुलियां नहीं बनाईं। मुल्लांपुर बैरियर से हरियाणा सीमा तक की सड़क की हालत खस्ता है। 
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1800 वोटर इस बार नहीं देंगे किसी पार्टी को वोट

सुखबीर बादल और कैप्टन
वहीं, चारों गांवों को जाने वाली सड़क भी बदहाल है। जब भी बारिश होती है, लोगों को अपने वाहन पानी में ही फंसे छोड़ कर दो-दो किलोमीटर पैदल चल कर घर जाना पड़ता है। 

बच्चे स्कूल नहीं जा पाते, पढ़ाई बंद हो जाती है। यहां के लोगों की दूसरी समस्या फॉरेस्ट एक्ट है। जिसके चलते लोग अपनी ही जमीनों पर निर्माण नहीं कर सकते। इस बारे में अधिकारियों से बात की तो जवाब मिला कि निर्माण की इजाजत केंद्र सरकार ही दे सकती है। 

राज्य सरकार का इसमें कोई रोल नहीं है। गूढ़ा में स्कूल की बिल्डिंग चालीस साल पुरानी है, कभी भी गिर सकती है, पर कुछ नहीं किया जा रहा है। हर बार चुनाव प्रचार को आने वाले कैंडिडेट्स को ये समस्याएं बताई गईं, पर किसी ने हल करने का प्रयास नहीं किया। 

उन्होंने बताया कि चारों गांवों के मिला कर करीब 1800 वोट हैं। पर इस बार वे चुनाव प्रक्रिया में हिस्सा नहीं लेंगे। नोटा का प्रयोग भी नहीं करेंगे।
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