मोहाली। कनाडा निवासी एनआरआई महिला की संपत्ति हड़पने के लिए फर्जी फैमिली सेटलमेंट तैयार करने के मामले में पंजाब स्टेट क्राइम थाना मोहाली ने पति सहित तीन आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया है। यह कार्रवाई पंजाब ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (पीबीआई) की जांच रिपोर्ट और कानूनी राय के आधार पर की गई। दर्ज एफआईआर में जालंधर निवासी सुनील दुग्गल, दसूहा निवासी अरुण कुमार और स्टांप वेंडर सतीश कुमार को नामजद किया गया है।
आरोप है कि आरोपियों ने मिलकर 20 मई 2022 की बैक डेट में एक फर्जी एग्रीमेंट, फैमिली सेटलमेंट तैयार कर एनआरआई महिला शीतल दुग्गल की संपत्तियों पर कब्जे की साजिश रची। मामला तब गंभीर हुआ जब जांच में सामने आया कि जिस स्टांप पेपर पर 20 मई 2022 की तारीख दिखाई गई, वह जिला खजाना कार्यालय जालंधर से 13 जुलाई 2022 को जारी हुआ था। इससे दस्तावेज के बैकडेट और फर्जी होने के आरोपों को बल मिला। जांच में यह भी सामने आया कि कथित गवाह विजय कुमार का पता संदिग्ध पाया गया और गांव में ऐसा कोई व्यक्ति नहीं मिला। पीबीआई की जांच में यह भी सामने आया कि संबंधित दस्तावेज की मूल प्रति अदालत में पेश नहीं की गई, जबकि अदालत ने मूल दस्तावेज पेश करने के आदेश दिए थे ताकि हस्ताक्षरों का सीएफएसएल से मिलान कराया जा सके।
शिकायतकर्ता सारस मेहता ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग तक मामला उठाया था और आरोप लगाया था कि महिला को झूठे मामलों, जालसाजी और धमकियों के जरिए भारत आने से रोकने की कोशिश की जा रही है। जांच अधिकारी नवनीत सिंह बैंस की रिपोर्ट में प्रथमदृष्टया आरोप सही मिले हैं। रिपोर्ट में फर्जीवाड़ा, जालसाजी, धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश के तहत कार्रवाई की सिफारिश की गई थी। इसके बाद मामला दर्ज किया गया।