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फ्रांस में रग्बी कोचिंग की आड़ में 25 बच्चों की तस्करी, कपूरथला का नाम उछला

Sun, 31 Dec 2017 08:26 PM IST
महेश कुमार/अमर उजाला, कपूरथला(पंजाब)
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भारत में मानव तस्करी
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फ्रांस में रग्बी कोचिंग की आड़ में मानव तस्करी के जरिये 25 नाबालिग बच्चों को ले जाने के मामले ने एक बार फिर पंजाब के कपूरथला का नाम सामने आया है। केंद्रीय अन्वेंशन ब्यूरो (सीबीआई) ने एक फरवरी 2016 के मामले में दिल्ली-फरीदाबाद के तीन ट्रेवल एजेंटों को गिरफ्तार कर केस दर्ज कर लिया है।
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लेकिन इन ट्रेवल एजेंटों की ओर से इन बच्चों को फ्रांस भेजने के लिए प्रयुक्त दस्तावेज फर्जी पाए जाने के साथ-साथ कपूरथला के दो स्कूलों से संबंधित होने का दावा किया है। हालांकि इस मामले के सामने आने के बाद शनिवार को पूरा दिन जिला व पुलिस प्रशासन इन स्कूलों के बारे में कोई जानकारी हासिल नहीं कर पाया।

पुलिस व प्रशासन के हाथ बिल्कुल खाली हैं। सीबीआई नई दिल्ली ने फ्रांस में रग्बी कोचिंग देने की आड़ में पिछले साल 25 नाबालिग बच्चों को ले जाने के मामले में तीन ट्रेवल एजेंटों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। इनमें दो बच्चे वापस आ गए हैं। जबकि एक को फ्रांस की पुलिस ने हिरासत में लेकर इंटरपोल पर सूचित किया।
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जबकि 22 बच्चे अभी तक लापता हैं। सीबीआई ने इस मामले में फरीदाबाद के ललित डेविड डीन, दिल्ली के संजीव रॉय और वरुण चौधरी के खिलाफ केस दर्ज कर दस्तावेज जब्त किए हैं। इनके परिसर की जांच के दौरान कपूरथला के दो स्कूलों से संबंधित दस्तावेज मिले हैं।

अभिभावकों से 25-30 लाख रुपये प्रति बच्चे वसूले

भारत में मानव तस्करी
अधिकारियों ने आरोप लगाया कि एजेंट विदेश भेजने के लिए इन नाबालिगों के अभिभावकों से 25-30 लाख रुपये प्रति बच्चे वसूले हैं। इनकी आयु 13-18 वर्ष के बीच है और संख्या 25 है। इन बच्चों को पेरिस में एक रग्बी प्रशिक्षण शिविर में भाग लेने के लिए जाया गया।

दस्तावेजों में 25 छात्रों के एक समूह को दो कपूरथला आधारित स्कूलों के छात्रों के रूप में दिखाया गया है। जहां इनके एक सप्ताह रग्बी शिविर में भाग लिया। जबकि ट्रेवल एजेंटों ने इनकी वापसी की टिकट रद्द कर दीं। सीबीआई के अनुसार इससे पहले दो बच्चे कुछ गलत आशंका को भांपकर भारत लौट आए। जबकि 22 गायब हो गए और एक को फ्रांस की पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया, जिसके बारे में इंटरपोल के माध्यम से सीबीआई को सूचना दी।

लेकिन इस मामले में जिला कपूरथला प्रशासन और पुलिस के हाथ बिल्कुल खाली हैं। अभी तक वापस लौटे दोनों बच्चों के बारे में भी कोई जानकारी हासिल नहीं हो सकी है। यहां तक कि कपूरथला के किन दो स्कूलों के नाम पर इन बच्चों के फर्जी दस्तावेज और आईडी प्रूफ बनाए गए, इस बारे में जिला व पुलिस प्रशासन कोई जानकारी हासिल कर पाया है। यहां तक कि जिला कपूरथला में न तो रग्बी खेली जाती है और न ही यहां सरकारी और निजी तौर पर इसका कोई कोच ही है।

थाने में कोई शिकायत नहीं आई है

भारत में मानव तस्करी
एसएसपी कपूरथला संदीप कुमार शर्मा ने कहा कि सुबह ही उन्होंने थानों के एसएचओ इस बारे में पता लगाने के आदेश दे दिए थे। दो साल पहले का मामला है। इस बारे में किसी भी थाने में न तो कोई शिकायत है और न ही किसी अभिभावक ने गुमशुदगी की कोई रिपोर्ट ही दी है।

न तो वापस आने वाले बच्चों और स्कूल के नाम के बारे में भी पता चला है। डीसी कपूरथला मोहम्मद तैय्यब ने कहा कि सीबीआई ने इस बारे में प्रशासन से किसी भी तरह को कोई संपर्क नहीं किया है। जिला खेल अधिकारी हरपालजीत कौर ने कहा कि जिला कपूरथला में रग्बी न तो खेली जाती है और न ही यहां पर कोई कोच है।

ऐसे कबूतर उड़ाने का मामला नया नहीं
ऐसे कबूतर उड़ाने का मामला कोई पहला नहीं है। बेशक इस मामले में अभी तक स्कूल और बच्चों के कपूरथला से संबंधित होने के बारे में कोई प्रमाण नहीं मिले हैं। इन दिनों खेल, कंपीटीशन और सांइस ट्रिप के नाम पर निजी स्कूलों के बच्चों को खूब विदेशों के ट्रिप लगवाए जा रहे हैं। कराटे, ओलंपियाड और ?नासा ट्रिप के नाम पर बच्चों को विदेश ले जाने का इन दिनों पंजाब में भी चलन है।

सूत्रों के अनुसार करीब सात-आठ साल पहले भी एक निजी स्कूल की ओर से साइंस ट्रिप के नाम पर बच्चों को विदेश ले जाया गया था, जिसमें कुछ बच्चे वहां लापता हो गए थे। अब यह बच्चे लापता हुए थे या फिर पहले से तय सौदे के तहत गायब हुए थे, इस बारे में अभी तक कुछ पता नहीं चला है। इनमें अधिकतर ट्रिप में बच्चे वापस लौट भी आते हैं, लेकिन इसी आड़ में कुछ कबूतर बनाकर उड़ा भी देते हैं।
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दोआबा की ‘एनआरआई बेल्ट’ है कपूरथला का हलका भुलत्थ

भारत में मानव तस्करी
जिला कपूरथला का कस्बा भुलत्थ एनआरआई बेल्ट के नाम पर प्रसिद्ध हैं। इस विधानसभा एरिया के ढिलवां, भुलत्थ, सुभानपुर, नडाला और बेगोवाल एरिया को एनआरआई बेल्ट के नाम से जाना जाता है। दोआबा क्षेत्र में इस विधानसभा से सबसे ज्यादा लोग विदेशों में बसे हैं। यहां पर बचपन से बच्चे के मन में विदेश जाने का सपना संजोया जाता है। जायज-नाजायज तरीके से विदेश जाने को लालायित रहते हैं।

मई 2007 में एक भाजपा सांसद बाबू भाई कटारा कस्बा भुलत्थ के गांव फिरोज संगोवाल की 26 वर्षीय परमजीत कौर और होशियारपुर के 17 वर्षीय अमरजीत कौर अपनी पत्नी शारदाबेन कटारा और बेटा राजेश बनाकर टोरोंटो ले जाता हुआ एयरपोर्ट पर पकड़ा गया था। इस मामले का खुलासा उस समय हुआ, जब एयरपोर्ट पर जब सांसद की पत्नी बनकर जा रही परमजीत कौर से नाम पूछा तो उसने शारदाबेन कटारा बोलने की बजाय परमजीत बोल दिया। जिसके बाद सारा मामला खुल गया।

इस मामले में सांसद 30 लाख रुपये प्रति व्यक्ति अपनी पत्नी और बेटा बनाकर कनाडा ले जा रहा था। एसोसिएशन ऑफ कंस्लटेंट फोर ओवरसीज स्टडीज के महासचिव लविश कालिया ने कहा कि कपूरथला में सबसे ज्यादा अवैध तरीके से विदेश भेजने का कारोबार हो रहा है। जब तक पंजाब प्रीविलेज ऑफ ट्रेवल एजेंट एक्ट 2014 पूरी तरह से लागू नहीं होता, तब तक स्कूलों और अवैध तरीके से विदेश जाने के मामले सामने आते रहेंगे। पंजाब सरकार पर इस पर पूरी तरह से अंकुश लगाने के लिए सख्त कदम उठाने चाहिए।
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