अप्रैल महीना शुरू हो चुका है, लेकिन बारिश रुकने का नाम नहीं ले रही। चंडीगढ़ सहित पूरे उत्तर भारत में हर दूसरे दिन बारिश हो रही है। मौसम वैज्ञानियों का मानना है कि इस साल वेस्टर्न डिस्टरबेंस काफी एक्टिव है। आम तौर पर फरवरी के आखिरी सप्ताह तक वेस्टर्न डिस्टरबेंस समाप्त हो जाता था, लेकिन इस बार तस्वीर कुछ बदली हुई है।
साल 2007 के बाद ऐसी स्थिति बनी है। वेस्टर्न डिस्टरबेंस को एक्टिव होने के लिए कुछ फैक्टर काम करते हैं। वेस्टर्न डिस्टरबेंस के बार-बार सक्रिय होने से ही बारिश हो रही है। यदि मई में भी इसी तरह से बारिश हुई तो मानसून में पक्का फर्क पड़ेगा। मानसून कमजोर पड़ सकता है।
इसलिए हो रहा सक्रिय
वेस्टर्न डिस्टरबेंस एक्टिव होने के पीछे कई कारण होते हैं। चीन और रूस के मुकाबले भारतीय उपमहाद्वीप का तापमान काफी अधिक है। इससे नम हवाएं भारत की ओर आ रही हैं, जो डिस्टरबेंस को एक्टिव करने में मददगार होती हैं।
मौसम वैज्ञानियों का कहना है कि इस बार वेस्टर्न डिस्टरबेंस काफी नीचे हैं। वेस्टर्न डिस्टरबेंस की नम हवाएं आम तौर पर अपने आक्षांश से 25 डिग्री पर बहती थी, लेकिन इस बार 15 डिग्री पर पर बह रही हैं।
आगे कैसा रहेगा मौसम
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक 13 अप्रैल तक मौसम ठंडा ही रहेगा। उसके बाद तापमान में थोड़ी बहुत बढ़ोतरी दर्ज की जाएगी। सात व आठ के बाद फिर 12 अप्रैल को वेस्टर्न डिस्टरबेंस एक्टिव रहने की संभावना है। उसके बाद बारिश में कुछ कमी देखी जा सकती है। हालांकि उसके बाद भी वेस्टर्न डिस्टरबेंस एक्टिव होगा, लेकिन इतने ज्यादा बुरे हालात नहीं होंगे।
मई में भी बरसा तो मानसून रहेगा कमजोर
चंडीगढ़ मौसम विभाग के डायरेक्टर डा. सुरेंद्र पाल ने बताया कि वेस्टर्न डिस्टरबेंस का मानूसन पर फर्क तभी पड़ेगा, जब मई में बारिश होगी। अप्रैल की बारिश के आधार पर कुछ भी कहना मुश्किल होगा। हालांकि बैसाखी के बाद वेस्टर्न डिस्टरबेंस कमजोर पड़ जाएगा। फिलहाल अप्रैल भर मौसम खुशनुमा रहने वाला है। ज्यादा गरमी पड़ने के आसार नहीं है, लेकिन इस बारिश से किसानों को तो नुकसान होगा। गेहूं की खेती के अलावा सब्जियों पर भी असर पड़ेगा।
सब्जियां होंगी महंगी
पंजाब-हरियाणा के शहरों के साथ नासिक, दिल्ली और नागपुर जैसे शहरों से फल-सब्जियों की लोडेड गाड़ियां सेक्टर-26 मंडी पहुंचती हैं। कई क्षेत्रों में बारिश हो रही है जिस कारण गाड़ियों के आने में दिक्कत हो सकती है। मांग के अनुसार पूर्ति नहीं होने से इसका असर मार्केट पर भी पड़ेगा। सब्जियों के रेट कुछ बढ़ सकते हैं। -दीपक, सब्जी व्यापारी, सेक्टर-26 मंडी
10 साल में अप्रैल इतना ठंडा
दस साल के बाद पहली बार अप्रैल का पहला हफ्ता ठंडा रहा है। दिन का तापमान सामान्य से पांच से छह डिग्री कम है। आमतौर पर अप्रैल में दिन का अधिकतम तापमान 34 डिग्री के आसपास रहता है, लेकिन इस साल अप्रैल का अधिकतम तापमान 28 डिग्री के आसपास ही रहा है।
एक अप्रैल से लेकर चार अप्रैल तक दिन का तापमान 25 से 28 के डिग्री के बीच रहा है। पिछले साल तो अप्रैल में ही भयंकर गरमी का असर आ गया था। साल 2014 में अप्रैल का अधिकतम तापमान 39.2o दर्ज किया गया था।
मार्च में रिकार्ड नौ बार आया वेस्टर्न डिस्टरबेंस
मौसम विभाग के मुताबिक चंडीगढ़ सहित हरियाणा और पंजाब में मार्च के महीने में इस बार रिकार्ड वेस्टर्न डिस्टरबेंस आया है। पूरे मार्च में नौ बार वेस्टर्न डिस्टरबेंस एक्टिव हुआ है।
दो मार्च से शुरू हुआ वेस्टर्न डिस्टबेंस का सिलसिला 29 मार्च तक जारी रहा। अप्रैल में इसी तरह से एक्टिव रहने की संभावना है। एक अप्रैल के बाद अब सात अप्रैल को फिर से बारिश के हालात बन रहे हैं। बैसाखी तक फिलहाल इसी तरह चलता रहेगा।