एचएसपीसीबी ने एनजीटी में दाखिल किया जवाब, 31 जुलाई को होगी अगली सुनवाई
चंडीगढ़। हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (एचएसपीसीबी) अगले तीन महीने में 87 खाली पदों को भरने की प्रक्रिया शुरू करेगा। इनमें 69 सहायक पर्यावरण इंजीनियर और 18 कनिष्ठ पर्यावरण इंजीनियर शामिल हैं। एचएसपीसीबी ने यह जवाब एनजीटी में दाखिल किया है। वहीं, एनजीटी ने एचएसपीसीबी को निर्देश दिए है कि वह बोर्ड में खाली पदों और नियुक्तियों को लेकर एक नई रिपोर्ट दाखिल करें। इस मामले की अगली सुनवाई अब 31 जुलाई को होगी।
एचएसपीसीबी में 481 में से 303 पद खाली पड़े हैं। इसे लेकर पर्यावरण प्रेमी वरुण गुलाटी ने एनजीटी में एक याचिका दायर की थी, जिस पर एनजीटी ने संज्ञान लेकर बोर्ड से जवाब मांगा था। इन पदों के खाली होने से प्रदूषण के मामलों से निपटने में बाधा आती है। अधिकारियों व इंजीनियरों की कमी से प्रदूषण से संबंधित मामलों की निगरानी और कार्रवाई में देरी होती है। एचएसपीसीबी ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि सहायक पर्यावरण इंजीनियर पद के लिए प्रारंभिक परीक्षा सात अप्रैल को हरियाणा राज्य लोक सेवा आयोग (एचएसपीएससी) की ओर से आयोजित की गई थी। भर्ती प्रक्रिया अभी भी जारी है। इसके अलावा एचएसपीएससी जूनियर पर्यावरण इंजीनियरों के लिए एक परीक्षा आयोजित कर चुकी है। इन अधिकारियों का काम वायु गुणवत्ता के स्तर की निगरानी, औचक निरीक्षण और नमूने एकत्र करने का काम होगा। इसके अलावा उल्लंघन करने वालों के खिलाफ जुर्माना लगाने और आपराधिक मुकदमा शुरू करने के लिए भी अधिकृत होंगे।