फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

‘सुप्रीम कोर्ट भेजा जाए एचएसजीएमसी मुद्दा’

Fri, 05 Sep 2014 08:52 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
विज्ञापन
विज्ञापन
एचएसजीएमसी का मुद्दा सुप्रीम कोर्ट रेफर किया जाना चाहिए। यह मांग एचएसजीएमसी को रद्द करने की याचिका दायर करने एसजीपीसी और अन्य प्रतिवादियों ने पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट से की।
विज्ञापन


इस मामले की सुनवाई शुक्रवार को जस्टिस सूर्यकांत की डिवीजन बेंच के समक्ष हुई। बहस के बाद याचिका की सुनवाई 12 सितंबर तक के लिए टाल दी गई है। याचिकाकर्ता फतेहगढ़ साहिब के राम सिंह सोमल की ओर से पैरवी करते हुए एडवोकेट रविंदर शर्मा ने बेंच से आग्रह किया कि सुप्रीम कोर्ट में भी ऐसी ही एक याचिका एसजीपीसी सदस्य हरभजन सिंह ने दायर की हुई है।

सुप्रीम कोर्ट ने स्थिति जस की तस रखने के आदेश दिए हैं। इस मामले में अगली सुनवाई 17 अक्तूबर को होनी है। इसलिए सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होने तक हाईकोर्ट में मामले को स्थगित कर दिया जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन

यह है एचएसजीएमसी से जुड़ा मामला

बहस के दौरान अन्य प्रतिवादियों ने मामले को सुप्रीम कोर्ट भेजने की मांग की। इस पर शर्मा ने कहा कि यदि मामला सुप्रीम कोर्ट भेजा जाता है, तो उन्हें कोई आपत्ति नहीं है।

उल्लेखनीय है कि राम सिंह सोमल ने वकील हरचंद सिंह बाठ के माध्यम से याचिका दायर कर एचएसजीएमसी रद्द करने की मांग की थी। उन्होंने दलील दी कि हरियाणा विधानसभा के पास ऐसा एक्ट बनाने का अधिकार नहीं है। यह केंद्र के अधिकार क्षेत्र में आता है, लिहाजा एचएसजीएमसी एक्ट रद्द किया जाए। क्योंकि, यदि यह एक्ट लागू होता है तो हरियाणा में सिख गुरुद्वारा एक्ट प्रभावी नहीं रहेगा। एक्ट के अमल पर रोक की मांग भी की गई थी।

हाईकोर्ट ने सभी पक्षों को नोटिस जारी कर पूछा है कि केंद्रीय एक्ट-1919 के संदर्भ में सिख गुरुद्वारा एक्ट-1925 राष्ट्रीय विषयों पर लागू होता है या प्रांतीय विषयों पर। इस मामले में केंद्र और पंजाब सरकार के वकीलों ने मौके पर नोटिस ले लिए थे, जबकि मुख्य सचिव एवं गृह सचिव हरियाणा को एडवोकेट जनरल के जरिए नोटिस भिजवाया गया था।

यूटी, एचएसजीएमसी, एसजीपीसी अमृतसर एवं हिमाचल प्रदेश सरकार को भी इस मामले में नोटिस जारी किए गए थे। इनमें से किसी ने भी जवाब दायर नहीं किया और शुक्रवार को सुनवाई केदौरान मामला सुप्रीम कोर्ट में भेजे जाने की मांग की।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें