एचएसजीपीसी के विरोध में शिरोमणि अकाली दल (शिअद) हरियाणा में मोर्चा लगाएगा। इस संबंधी फैसला शनिवार को पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के निवास पर पांच घंटे चली शिअद कोर कमेटी की बैठक में लिया गया।
इसकी औपचारिक घोषणा तथा एचएसजीपीसी के खिलाफ मोर्चे के कार्यक्रम का विस्तृत ऐलान आगामी 27 जुलाई को दरबार साहिब (अमृतसर) के मंजी साहिब हॉल में पंथक कांफ्रेंस आयोजित करके किया जाएगा।
इससे पहले 22 जुलाई को चंडीगढ़ स्थित शिअद मुख्यालय में हरियाणा सहित अन्य राज्यों के शिअद नेताओं की बैठक होगी। इस दौरान उन्हें अपने-अपने क्षेत्रों में सिखों को एचएसजीपीसी के खिलाफ मैदान में कूदने को तैयार करने तथा बड़ी तादाद में 27 जुलाई को अमृतसर पहुंचने का कहा जाएगा। यह आयोजन शिअद के सरपरस्त व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल और अध्यक्ष व उप मुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल की अगुवाई में होंगे।
एचएसजीपीसी का गठन नहीं होने देंगे: सुखबीर
बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए सुखबीर बादल ने कहा कि हरियाणा की हुड्डा सरकार ने गांधी परिवार के इशारे पर उक्त बिल के जरिए सिख कौम पर हमला किया है। उन्हें इस हमले का मुंह तोड़ जवाब दिया जाएगा।
यह भी कहा कि केंद्रीय गृह सचिव द्वारा हरियाणा के मुख्य सचिव को लिखे गए पत्र से साफ हो गया है कि वहां की सरकार को एचएसजीपीसी एक्ट बनाने का कोई अधिकार नहीं है। हुड्डा सरकार द्वारा यह प्रचार किया जाना भी गलत है कि एसजीपीसी हरियाणा का माहौल खराब करने के लिए पंजाब के सिखों को वहां के गुरुद्वारों में भेज रही है।
सुखबीर ने कहा कि सिख विश्वभर के किसी भी गुरुद्वारे में जा सकते हैं और दुनियाभर में जब भी सिखों के खिलाफ कुछ हुआ है तो एसजीपीसी ही उनकी मदद के लिए आगे आई है। उनके अनुसार 27 जुलाई की पंथक कांफ्रेंस में देश-विदेश के सिख बड़ी तादाद में उपस्थित होंगे। शिअद महासचिव हरचरन सिंह बैंस के अनुसार इससे पहले बैठक में मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने कहा कि वह किसी भी कीमत पर एचएसजीपीसी का गठन नहीं होने देंगे।
बादल ने दी मोदी से हुई बातचीत की जानकारी
बैंस ने बताया कि मुख्यमंत्री बादल ने कोर कमेटी सदस्यों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित केंद्रीय मंत्रियों राजनाथ सिंह व अरुण जेटली के साथ एचएसजीपीसी के मुद्दे पर हुई बातचीत की विस्तृत जानकारी दी। एचएसजीपीसी के खिलाफ केंद्र द्वारा हरियाणा सरकार को लिखे गए पत्र के लिए एनडीए सरकार का धन्यवाद भी किया गया।
साथ ही कहा गया कि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के इशारे पर हरियाणा के मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार ने सिख धर्म, सिखों के धार्मिक स्थानों तथा सिख गुरूद्वारा एक्ट 1925 पर हमला किया है।
कोर कमेटी ने हरियाणा के एक्ट को गैर संवैधानिक करार दिया। यह भी कहा कि हरियाणा ही नहीं विश्वभर में बसते सिखों की रगों में एक ही खून दौड़ता है तथा उन्हें बांटने की कांग्रेस की कोशिश कभी कामयाब नहीं होगी।