मिसाइल मैन पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम ने शुक्रवार को कोहंड निवासी गूगल ब्वाय कौटिल्य को गुरु मंत्र दिया। कलाम ने कौटिल्य के पिता को नसीहत दी कि वह बच्चे का पढ़ाई और नॉलेज में संतुलन बनाए रखें।
एक्सट्रा नॉलेज से बेहतर रूटीन में पढ़ाई करना है। एक्सट्रा नॉलेज तभी काम आएगी जब रूटीन में पढ़ाई अच्छी होगी। कौटिल्य के पिता सतीश शर्मा ने बताया कि दिल्ली में दोपहर एक बजे पूर्व राष्ट्रपति कलाम से मुलाकात हुई और उनके पास वह तीस मिनट रुके।
कलाम कौटिल्य के बारे में कुछ नहीं जानते थे, जब मेल आईडी पर कौटिल्य के बारे में दिखाया गया तो वह खुश हुए और बार-बार कौटिल्य से अंग्रेजी में सवाल-जवाब करने लगे।
कलाम ने पूछा, कौटिल्य क्या बनना चाहते हो
कलाम ने पूछा कि कौटिल्य क्या बनना चाहते हो। इस पर कौटिल्य ने जवाब दिया कि आईएफएस अधिकारी लेकिन कौटिल्य ने तुरंत पलटकर कहा कि अब अंतरिक्ष यात्री बनना चाहता हूं। इस पर कलाम खूब हंसे और कौटिल्य की प्रशंसा करने लगे।
कलाम ने कहा कि बच्चे पर पढ़ाई का बोझ नहीं पड़ना चाहिए। कलाम से मिलने वालों में कौटिल्य के पिता सतीश शर्मा, सतीश राज देसवाल, डॉ. शशि बनर्जी, एके सिंगला, एसपी गौड़, पुरुषोत्तम रहे।
कौटिल्य के पिता सतीश शर्मा ने कहा कि आज कौटिल्य की इच्छा पूरी हो गई है, क्योंकि कौटिल्य ने अक्टूबर 2013 में दो ही लोगों से मिलने की इच्छा जाहिर की थी। इसमें पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम और अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा हैं।
ओबामा से मिलना बाकी रह गया
कलाम से मिलने के बाद कौटिल्य ने कहा कि अब ओबामा से और मिलना बाकी रह गया है। इससे पहले भी कौटिल्य शंकराचार्य सहित राज्य के प्रतिष्ठित लोगों से मिलकर उनसे भी गुरु मंत्र ले चुका है।
कौटिल्य पहले भूगोल की जानकारी लेने में मग्न था। अब अपना ध्यान अंतरिक्ष की ओर भी लगा दिया है। कौटिल्य ने कलाम से पहली मुलाकात में भारतीय संस्कृति के मुताबिक उनके पांव छूकर प्रणाम किया।
कलाम ने भी कौटिल्य के सिर पर हाथ रखकर आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। कलाम ने कौटिल्य से करीब नौ-दस सवाल किए, जिनके कौटिल्य ने सटीक जवाब दिए।
कलाम के सवाल भी अधिकतर भूगोल से संबंधित ही थे। कौटिल्य के घर पहुंचने पर कोहंड में बधाई देने वालों का तांता लग गया।