नायब तहसीलदार भर्ती परीक्षा के पेपर को एसएस इंटरनेशनल स्कूल के चपड़ासी ने निसिंग बीईओ समेत दो मोबाइल नबंरों पर व्हाट्सएप नंबरों पर भेजा था। उसके बाद ही पेपर गुरुग्राम पहुंचा और सॉल्व करके आंसर-की रेवाड़ी पहुंची थी। रेवाड़ी पुलिस के अनुसार 24 मई की शाम ही पेपर लीक होने की सूचना मिल गई थी।
जांच टीम ने मामले के तार जोड़ते हुए गिरोह को ट्रेस किया और इसमें साइबर सेल ने कई संदिग्धों के फोन ट्रेस किए। 26 मई को पेपर शुरू होते ही रेवाड़ी पुलिस ने एसटीएफ के साथ गिरोह की धरपकड़ की और गुरुग्राम, रेवाड़ी, करनाल से नौ लोगों को गिरफ्तार किया। गुरुग्राम से गिरफ्तार किए गए पंकज ने इस पेपर को सॉल्व कर अखिल के पास आंसर-की भेजी थी। करनाल में पेपर लीक करने के मामले में एसएस इंटरनेशनल स्कूल का कर्मचारी राजकुमार शामिल था। उसे पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
जांच के लिए स्कूल पहुंची टीम
एसटीएफ सोमवार को एसएस इंटरनेशनल स्कूल पहुंची और स्टाफ सदस्यों के बयान लिए। टीम ने दूसरी बिल्डिंग में तैनात सुपरिंटेंडेंट दीपिका के भी बयान लिए हैं। दो दिन से स्कूल के एडमिनिस्ट्रेटर जसबीर सिंह फरार चल रहे हैं और मोबाइल नंबर भी बंद हैं। टीम ने स्कूल की सीटीटीवी फुटेज भी खंगाली है। मामले में एसएस इंटरनेशनल स्कूल के मालिक संदीप कक्कड़ का कहना है कि स्कूल के चपरासी राजकुमार की भूमिका सामने आई है। हम खुद अपने स्तर पर जांच कर रहे हैं।