चंडीगढ़। चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड (सीएचबी) आईटी पार्क में बनने वाले वीआईपी फ्लैट्स पर एक बार फिर काम शुरू करने जा रहा है, लेकिन पंजाब-हरियाणा की तरफ से 25 प्रतिशत राशि जमा नहीं कराने की वजह से योजना को शुरू करने में देरी हो रही है। हालांकि, सीएचबी दोनों राज्यों को रिमाइंडर भी भेज चुका है।
सीएचबी की ओर से आईटी पार्क में पंजाब, हरियाणा और यूटी के अधिकारियों व दोनों राज्यों के विधायकों के लिए लग्जरी फ्लैट्स का निर्माण करवाना है। फ्लैट्स निर्माण की प्रक्रिया शुरू की जा सके, इसके लिए सीएचबी ने दोनों राज्यों व पीजीआई को कुल राशि का 25 प्रतिशत भुगतान करने के लिए पत्र लिखा था। हालांकि, सीएचबी के पास अभी तक जवाब नहीं आया है, न ही पैसे आए हैं।
सीएचबी के अधिकारियों के अनुसार उनकी तरफ से डिजाइन आदि का काम पूरा किया जा चुका है। अब काम शुरू करने के लिए राज्यों से राशि का इंतजार किया जा रहा है। सीएचबी के सीईओ यशपाल गर्ग ने बताया कि वीआईपी फ्लैट्स के डिजाइन के लिए पंचकूला की कंपनी क्रिएटिव कंसोर्टियम की नियुक्ति की गई है। इस कंपनी का चयन प्रतियोगिता के माध्यम से किया गया है। अब जैसे ही राज्यों की तरफ से पैसे जमा करा दिए जाएंगे, काम शुरु कर दिया जाएगा। दरअसल, सीएचबी के कई अधिकारियों की ड्यूटी कोविड में लगी थी। यशपाल गर्ग को मिनी कोविड केयर सेंटर के प्रभारी और पूरे शहर में ऑक्सीजन सप्लाई का नोडल अधिकारी बनाया गया है। इसके अलावा चीफ इंजीनियर व अन्य अधिकारियों की भी ड्यूटी कोरोना में लगाई गई है।
आईएएस, आईपीएस व विधायकों के लिए बन रहे हैं फ्लैट
आईटी पार्क में वीआईपी लोगों के लिए फ्लैट बनाए जाने हैं। इनमें आईएएस, आईपीएस अधिकारी व विधायक आदि रहेंगे। आईटी पार्क में ये फ्लैट्स खरीदने के लिए पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ प्रशासन और पीजीआई ने इच्छा जताई है। मांग के तहत सीएचबी पंजाब सरकार के लिए 3, हरियाणा सरकार के लिए 3 और यूटी प्रशासन अपने लिए दो टावर का निर्माण करेगा। हरियाणा दो टावर अफसरों के लिए, जबकि एक टावर विधायकों के लिए खरीद रहा है। ये फ्लैट चार बैडरूम के होंगे। फ्लैट्स में सभी आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी। आईटी पार्क में 6.73 एकड़ एरिया में फ्लैट्स का निर्माण करवाना है। राज्यों को एक टॉवर के लिए टैक्स सहित कुल राशि 66 करोड़ बोर्ड को देनी होगी। यह सेवन स्टोरी फ्लैट्स होंगे, जिसमें जिम और स्वीमिंग पूल का निर्माण भी करवाया जाएगा।