पीजीआई के एडवांस पीडियाट्रिक सेंटर में मरीजों का दबाव क्षमता से दोगुने से भी ज्यादा है। यहां पर चंडीगढ़ के अलावा पंजाब, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर, उत्तर प्रदेश और अन्य प्रदेशों से आने वाले रेफर मरीजों की संख्या 80 प्रतिशत से ज्यादा है। इस कारण लगभग सभी यूनिटों में यही हाल है। छोटे बच्चों को एक बेड पर दो से तीन की संख्या में भर्ती करना पड़ रहा है, वहीं वयस्क मरीजों को स्ट्रेचर पर भर्ती कर इलाज करना मजबूरी बनी हुई है।
संक्रमण के डर से बंद है ओपीडी
बता दें कि कोरोना संक्रमण के चलते पीजीआई और जीएमसीएच-32 की ओपीडी बंद चल रही है। स्थिति यह है कि अस्पताल में 6 गज की दूरी, मास्क, सैनिटाइजेशन के पालन न होने की बात कर मरीजों को टेलीकंसल्टेशन और टेली मेडिसिन के माध्यम से परामर्श दिया जा रहा है। वहीं दूसरी तरफ एडवांस पीडियाट्रिक सेंटर के अंदर 6 गज तो छोड़िए दो गज की दूरी का भी पालन नहीं किया जा रहा।
पीजीआई में किसी भी मरीज को भर्ती करने से पहले उसकी कोविड जांच अनिवार्य रूप से की जाती है ताकि किसी भी स्तर पर संक्रमण का खतरा न हो। जहां तक एक बेड पर दो से तीन बच्चों को भर्ती कर उनका इलाज करने की बात है तो पीजीआई में चंडीगढ़ के साथ अन्य प्रदेशों से रेफर मरीजों का भी काफी दबाव है। पीजीआई अपनी क्षमता से 4 गुना ज्यादा मरीजों का इलाज कर रहा है। उसके बावजूद कोविड-19 के मानकों के पालन का शत प्रतिशत प्रयास किया जा रहा है। -प्रो. जगतराम, निदेशक, पीजीआई