फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

चंडीगढ़ पीजीआई का हाल : एक बेड पर लेटे हैं तीन बच्चे, कोविड के नियमों का हो रहा उल्लंघन

Mon, 29 Mar 2021 02:04 AM IST
पंचकुला ब्‍यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

  • चंडीगढ़ में तेजी से बढ़ रहा कोरोना संक्रमण
  • पीजीआई में हो रहा कोविड नियमों का उल्लंघन
  • एडवांस पीडियाट्रिक सेंटर में खूब हो रही अनदेखी
विज्ञापन
पीजीआई के एडवांस पीडियाट्रिक सेंटर में एक बेड पर लिटाए गए तीन बच्चे। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

चंडीगढ़ में एक ओर कोरोना संक्रमण की रफ्तार बेकाबू होती जा रही है, वहीं दूसरी तरफ पीजीआई के एडवांस पीडियाट्रिक सेंटर में कोरोना से बचाव के नियमों की खूब अनदेखी की जा रही है। स्थिति यह है कि सेंटर में भर्ती बच्चों को अलग-अलग बेड पर रखने के बजाय एक बेड पर लिटाकर उनका इलाज किया जा रहा है। पीजीआई जैसे संस्थान में इस तरह की लापरवाही हो रही है और देखने वाला कोई नहीं।

विज्ञापन


मौजूदा समय में एडवांस पीडियाट्रिक सेंटर की इमरजेंसी में एक बेड पर दो से तीन मरीज भर्ती कर उनका इलाज किया जा रहा है। यह सीधे तौर पर कोरोना संक्रमण को दावत देने वाली बात है। इसे लेकर बीमार बच्चों के परिजन भी अस्पताल प्रबंधन से नाराज हैं लेकिन इलाज कराने की मजबूरी उनके सामने है, इसलिए वह चुप्पी साधे हुए हैं।


इस पूरे मामले पर पीजीआई प्रशासन का कहना है कि अस्पताल की लगभग सभी यूनिटों में मरीजों का दबाव क्षमता से कई गुना ज्यादा है। रेफर मरीजों को वापस नहीं कर सकते इसलिए इमरजेंसी में तत्काल बच्चों को भर्ती कर प्राथमिक उपचार देने के बाद उन्हें वार्ड में शिफ्ट कर दिया जाता है।

विज्ञापन
विज्ञापन

इस हालात के पीछे एक कारण यह भी

पीजीआई के एडवांस पीडियाट्रिक सेंटर में मरीजों का दबाव क्षमता से दोगुने से भी ज्यादा है। यहां पर चंडीगढ़ के अलावा पंजाब, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर, उत्तर प्रदेश और अन्य प्रदेशों से आने वाले रेफर मरीजों की संख्या 80 प्रतिशत से ज्यादा है। इस कारण लगभग सभी यूनिटों में यही हाल है। छोटे बच्चों को एक बेड पर दो से तीन की संख्या में भर्ती करना पड़ रहा है, वहीं वयस्क मरीजों को स्ट्रेचर पर भर्ती कर इलाज करना मजबूरी बनी हुई है।

संक्रमण के डर से बंद है ओपीडी
बता दें कि कोरोना संक्रमण के चलते पीजीआई और जीएमसीएच-32 की ओपीडी बंद चल रही है। स्थिति यह है कि अस्पताल में 6 गज की दूरी, मास्क, सैनिटाइजेशन के पालन न होने की बात कर मरीजों को टेलीकंसल्टेशन और टेली मेडिसिन के माध्यम से परामर्श दिया जा रहा है। वहीं दूसरी तरफ एडवांस पीडियाट्रिक सेंटर के अंदर 6 गज तो छोड़िए दो गज की दूरी का भी पालन नहीं किया जा रहा।

पीजीआई में किसी भी मरीज को भर्ती करने से पहले उसकी कोविड जांच अनिवार्य रूप से की जाती है ताकि किसी भी स्तर पर संक्रमण का खतरा न हो। जहां तक एक बेड पर दो से तीन बच्चों को भर्ती कर उनका इलाज करने की बात है तो पीजीआई में चंडीगढ़ के साथ अन्य प्रदेशों से रेफर मरीजों का भी काफी दबाव है। पीजीआई अपनी क्षमता से 4 गुना ज्यादा मरीजों का इलाज कर रहा है। उसके बावजूद कोविड-19 के मानकों के पालन का शत प्रतिशत प्रयास किया जा रहा है। -प्रो. जगतराम, निदेशक, पीजीआई

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें