हाउसिंग बोर्ड में रहने वाले उन हजारों लोगों को राहत मिली है, जिन्होंने अलॉटी से गैर पंजीकृत जीपीए और सब जीपीए पर मकान खरीदा है। ऐसे में अब वह मकान ट्रांसफर करा सकेंगे। लेकिन इसके लिए भारी जुर्माना अदा करना पड़ेगा।
बोर्ड की बैठक में एचआईजी, एमआईजी, एलआईजी एवं ईडब्ल्यूएस के मकानों के ट्रांसफर की स्थिति में जुर्माना राशि तय की गई है। एमआईजी कैटेगरी के मकान के लिए साढ़े 12 हजार रुपये का जुर्माना एक साल के लिए तय किया है।
यह राशि उस साल से कैलकुलेट होगी, जब से मकान के दस्तावेज जारी हुए हैं। इसी तरह एमआईजी जुर्माना राशि प्रति साल 10 हजार और ईडब्ल्यूएस मकानों के लिए 7500 रुपये का जुर्माना प्रति साल लागू करने का निर्णय लिया गया है। यह राशि ट्रांसफर शुल्क के अलावा अलग से ली जाएगी।
63 मकान धारकों से वसूले 20 लाख 60 हजार
हाउसिंग बोर्ड की बैठक में एक माह में जिन लोगों ने तत्काल सुविधा लेकर मकान ट्रांसफर कराया है। उनसे शुल्क के तौर पर 20 लाख 60 हजार रुपये इकट्ठे हुए हैं।
बोर्ड ने सुनिश्चित किया है कि तत्काल में मकान ट्रांसफर कराने की फाइल को न तो सीईओ खारिज कर सकता है और न ही उसमें कोई देरी कर सकता है। ऐसा करने पर बोर्ड के रेवन्यू की हानि होती है।