चंडीगढ़ में एक होटल संचालक ने फांसी लगाकर जान दे दी। होटल संचालक लॉकडाउन के कारण कर्ज में डूब गया था। वह किराए की रकम नहीं दे पा रहा था। होटल मालिक उस पर दबाव बना रहा था। मामले को लेकर परिजनों ने थाने में हंगामा कर दिया। हालांकि बाद में दोनों पक्षों में समझौता हो गया।
कोरोना से पहले संचालन के लिए होटल को किराए पर लेने वाले देवेंद्र सिंह भंडारी (37) ने कर्ज में डूबने के चलते आत्महत्या कर ली। परिजनों ने सेक्टर-36 थाने में हंगामा किया और तहरीर दी। आरोप है कि होटल मालिक के प्रताड़ित करने के चलते देवेंद्र ने आत्महत्या की है। उन्होंने पुलिस से कार्रवाई की मांग की। हालांकि बाद में दोनों पक्षों ने समझौता कर लिया।
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उत्तराखंड के गढ़वाल निवासी देवेंद्र सिंह भंडारी ने कोरोना से पहले सेक्टर-35 स्थित एम एंड वी होटल को किराए पर लिया था लेकिन महामारी के चलते लॉकडाउन लग गया और काम ठप होने से देवेंद्र पर कर्ज चढ़ता गया। वह परेशान रहने लगा।
परिवार को भी वह अपनी समस्या बताता रहा। बताया जाता है कि होटल जितने किराए पर लिया था, वह पैसे पूरे नहीं दे पा रहा था। आरोप है कि होटल मालिक लगातार अपने किराए के पैसे देने का दबाव बना रहा था, जिससे वह परेशान था। वीरवार सुबह देवेंद्र ने होटल के ऑफिस में लगे हुक से रस्सी बांधकर आत्महत्या कर ली।
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सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव कब्जे में लिया। परिजन शनिवार को थाने पहुंचे और हंगामा किया। कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने आश्वासन दिया कि वह जांच के बाद कार्रवाई करेंगे। इसी बीच होटल मालिक व देवेंद्र सिंह के परिजनों के बीच समझौता हो गया और मामला रफादफा हो गया। पुलिस ने भी शव का पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया है।