एक ओर बेटी का सम्मान, दूसरी ओर पिता की प्रतिमा का सम्मान
एक ओर जहां परमवीर चक्र विजेता की बेटी को सम्मानित किया जा रहा था, वहीं दूसरी ओर उनके शहीद पिता की प्रतिमा का अपमान हो रहा था। मामला सामने आया पंजाब के मोगा में। शहीद सूबेदार परमवीर चक्र विजेता जोगिंदर सिंह के रविवार को शहीदी दिवस पर जिला प्रशासन ने उनकी बेटी कुलवंत कौर को तो सम्मानित किया, लेकिन शहीद की प्रतिमा से मिट्टी झाड़ना तक याद नहीं रहा।
जहां हर साल उनके शहीदी दिवस पर जिला प्रशासन और सेना की ओर से समागम आयोजित किया जाता था। वहीं इस बार कार्यक्रम करवाना भी याद नहीं रहा। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि भारत-पाक सीमा पर अत्याधुनिक पंजाब स्टेट वार हीरोज मेमोरियल और म्यूजियम के राष्ट्र को समर्पित करने के प्रदेश समागम होने की वजह से यह कार्यक्रम नहीं हो पाया।
शहीद सूबेदार जोगिंदर सिंह माहला 15 सितंबर 1941 को सिख रेजीमेंट में भर्ती हुए थे। उन्होंने 23 अक्तूबर 1962 को कमांड में चीन के दो हमलों में विरोधियों को मौत के घाट उतार दिया। वहीं तीसरे हमले में उनकी जांघ में गोली लग गई थी। खुद की परवाह किए बिना दुश्मन का डट कर मुकाबला करते हुए शहीद हो गए। सरकार ने 26 जनवरी 1964 को उन्हें शहीद होने के बाद सर्वोच्च बहादुरी अवार्ड परमवीर चक्र से सम्मानित किया।