अब माननीय इलेक्शन, पोलिंग एजेंट नहीं बन सकेंगे। हरियाणा के मुख्य चुनाव अधिकारी श्रीकांत वाल्गद ने बताया कि आयोग ने फैसला किया है कि केंद्रीय और प्रदेश सरकार के मंत्री, मौजूदा सांसद, मौजूदा विधायक, निगम मेयर, जिला परिषद, पंचायत समिति, नगर परिषद और नगर पालिका के अध्यक्ष चुनाव के दौरान उम्मीदवारों के पोलिंग एजेंट, इलेक्शन एजेंट और काउंटिंग एजेंट नहीं बन सकेंगे।
इसके अलावा अगर किसी व्यक्ति को सुरक्षा मिली हुई है तो वह भी पोलिंग एजेंट, इलेक्शन एजेंट या गणना एजेंट नहीं बन सकेगा।
उन्होंने बताया कि मतदान केंद्रों पर 100 मीटर के क्षेत्र में हथियार ले जाने पर रोक लगा दी गई है। उम्मीदवार पोलिंग एजेंट के रूप में उस व्यक्ति को नियुक्त कर सकता है जो उसी बूथ का वोटर हो।
उन्होंने बताया कि 10 अप्रैल को चुनाव स्वतंत्र एवं निष्पक्ष करवाने के लिए वाहनों की आवाजाही के लिए भी दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
मतदान के दिन उम्मीदवार को एक वाहन, उसके एजेंट को एक वाहन और उसके एक कार्यकर्ता को एक वाहन प्रयोग करने की अनुमति दी जाएगी। एक वाहन में पांच से अधिक व्यक्ति नहीं होने चाहिए। इन वाहनों को केवल वही व्यक्ति प्रयोग करेंगे, जिन्हें अनुमति होगी। इन वाहनों की अनुमति संबंधित जिला चुनाव अधिकारी से मिलेगी।
मुख्य चुनाव अधिकारी ने बताया कि मतदान वाले दिन सरकारी कर्मचारियों के वाहन, परमिट वाले राजनीतिक दलों के वाहन, वृद्ध लोगों के वाहन और एंबुलेंस जैसी सेवाओं के अलावा पब्लिक ट्रांसपोर्ट चलने की अनुमति होगी।
इसके अलावा पहले से निश्चित निजी कार्यक्रम मसलन विवाह जैसे कार्यक्रमों में वाहनों का प्रयोग किया जा सकता है, लेकिन उन वाहनों का प्रयोग राजनीतिक उद्देश्य के लिए नहीं हो।
अन्यथा उसे आचार संहिता का उल्लंघन माना जाएगा। उन्होंने बताया कि रिटर्निंग अफसर, पीठासीन अधिकारी, पुलिस अधिकारी और अन्य कोई भी व्यक्ति जिसकी ड्यूटी शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगाई है और मतदान केंद्र या आसपास के क्षेत्र में ड्यूटी पर तैनात व्यक्ति ही हथियार अपने साथ ले जा सकेगा।