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पंचकूला: हनीप्रीत ने दंगा भड़काने के लिए भेजे थे 1.25 करोड़ रुपये

Sun, 08 Oct 2017 09:06 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, पंचकूला(हरियाणा)
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- फोटो : File Photo
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डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम की मुंहबोली बेटी हनीप्रीत की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। पंचकूला कमिश्नर एएस चावला के अनुसार सिरसा के डेरे में साजिश रचने वाली हनीप्रीत ने 25 अगस्त को पंचकूला में हिंसा और आगजनी के लिए सवा करोड़ रुपये बांटे गए थे, जिसमें से करीब एक करोड़ रुपये तो उपद्रवियों तक पहुंचा भी दिए गए थे।
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एएस चावला मे बताया कि हनीप्रीत ने 25 अगस्त से ही पुलिस सहित तमाम सुरक्षा एजेंसियों को बरगलाया, ताकि उसकी साजिश का खुलासा नहीं हो सके। डेरा प्रमुख को फरार कराने की साजिश में भी हनीप्रीत की अहम भूमिका मानते हुए पुलिस पूछताछ कर रही है। लेकिन फिल्मों में एक्टिंग में माहिर हनीप्रीत अभी भी गुनाहों पर पर्दा डाल रही है। 

करोड़ों के लेन देन में फेरा और फेमा के तहत हो सकती है कार्रवाई 
डेरा सच्चा सौदा से बरामद हार्ड डिस्क और हवाला के जरिये करोड़ों के लेन देन मामले की जांच इंफोर्समेंट डायरेक्ट्रेट से कराने के लिए पुलिस मुख्यालय से सिफारिश की गई है। आला पुलिस अधिकारियों ने पंचकूला पुलिस की ओर से ऐसी कोई सूचना ईडी को दिए जाने से इंकार किया है। ईडी अगर इस मामले की जांच शुरू करती है तो डेरा के जरिये विदेशों में करोड़ों के लेन देन मामले से जुड़े तमाम पहलुओं को खंगाला जाएगा। हो सकता है फॉरेन एक्सचेंज रेग्युलेशन एक्ट यानि फेरा और फॉरन एक्सचेंज मैनेजमेंट एक्ट यानि फेमा के तहत भी कार्रवाई हो सकती है।
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मंत्री हो या कोई और, दंगे से तार जुड़े तो होगी कार्रवाई 

Ram Rahim Verdict - फोटो : File Photo
मंत्री हो या कोई और, दंगे से तार जुड़े तो होगी कार्रवाई 
पंचकूला हिंसा मामले की साजिश में शामिल हनीप्रीत या अन्य आरोपियों को संरक्षण देने के मामले में पंजाब के पूर्व मंत्री पर कार्रवाई के बारे में पुलिस कमिश्नर एएस चावला ने कहा कि इस मामले से जुड़े किसी भी व्यक्ति के खिलाफ अगर सुबूत मिलते हैं तो उन पर उचित कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि इस संबंध में कोई शिकायत नहीं मिली है, जिस आधार पर आगे की कार्रवाई की जाए। लेकिन दंगे की साजिश से जुड़े आखिरी व्यक्ति तक पहुंचने के लिए पुलिस लगातार प्रयास कर रही है। इनमें दोषी पाए जाने पर किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई होगी।   

पंजाब पुलिस के सात कमांडो की भी नहीं हुई गिरफ्तारी 
हनीप्रीत की जीरकपुर से गिरफ्तारी के बाद हरियाणा पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। आखिर देश भर में हनीप्रीत की तलाश में खाक छान रही हरियाणा पुलिस पंजाब में उसके छिपे होने का सुराग तक नहीं लगा सकी। जबकि हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने खुद माना है कि पंजाब पुलिस के संरक्षण में हनीप्रीत रही। यही नहीं डेरा प्रमुख को दोषी ठहराए जाने के बाद पुलिस अभिरक्षा से फरार कराने की साजिश रचने वाले पंजाब पुलिस के सात कमांडो को भी पुलिस गिरफ्तार नहीं कर सकी है। 

25 अगस्त को पंचकूला में हुई हिंसा और आगजनी में मौत के मंजर के बाद पुलिस ने 1100 के करीब आरोपियों को तो गिरफ़्तार कर लिया। लेकिन हिंसा की साजिश में शामिल अहम आरोपियों की गिरफ्तारी में लगातार देरी हो रही है। काफी मशक्कत के बाद पंजाब पुलिस ने जब हनीप्रीत का सुराग दिया तो पुलिस ने हनीप्रीत को गिरफ्तार तो कर लिया, लेकिन उसकी गिरफ्तारी के बाद भी कोई अहम सुबूत नहीं मिले हैं, जिस आधार पर फरार आरोपियों तक पुलिस पहुंच सके। 
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