पंचकूला हिंसा मामले में गिरफ्तार दो आरोपियों ने पूछताछ के दौरान जब खुद के डेरे में नपुंसक बनाए जाने की बात कही तो पुलिस सकते में आ गई। तत्काल मामले की जांच के लिए स्वास्थ्य विभाग को लिखकर जानकारियां मांगी गईं।
उधर, स्वास्थ्य विभाग ने भी दोनों की जांच के लिए तीन सदस्यीय बोर्ड गठित कर दिया। आशंका जताई जा रही है कि राम रहीम अपने नजदीकियों को इसलिए नपुंसक बना देता था ताकि वह किसी साध्वी के करीब न पहुंच सकें। डेरा में करीब 400 साधकों को नपुंसक बनाने के मामले की जांच हाईकोर्ट की निगरानी में सीबीआई कर रही है।
साध्वी यौन शोषण में 20 साल की सजा काट रहे डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम के गुनाहों की फेहरिस्त लंबी होती जा रही है। सूत्रों का कहना है कि पुलिस को जब डेरा प्रमुख के दो प्रमुख नजदीकियों के बारे में यह सूचना मिली तो तत्काल छानबीन शुरू कर दी गई है।
- फोटो : File Photo
हिंसा के मामले में दोनों आरोपियों की पहले ही गिरफ़्तारी हो चुकी है, लेकिन बाबा के गुनाहों से पर्दा उठाने के लिए उन्होंने जब पुलिस के सामने यह सच्चाई रखी तो इससे एक बाद और भी साफ हो गई कि डेरा में नपुंसक बनाने का धंधा भी जारी था।
अब सवाल यह उठता है कि डेरा के एक निजी सहायक और कानूनी सलाहकार के साथ डेरा में ऐसा क्यों किया गया और किसके इशारे पर किया गया। कितने दिन पहले दोनेां को नपुंसक बनाया गया। दोनों आरोपियों के नपुंसक होने की वजह क्या है, इसका खुलासा डॉक्टरों के बोर्ड की जांच रिपोर्ट में होगा। लेकिन, डेरा के सक्रिय सदस्यों की ओर से लगाए जाने वाले आरोपों से डेरा सच्चा सौदा में चल रहे गुनाह के खेल में एक और नया खुलासा हुआ है।
पुलिस की ओर से मिली चिट्ठी के आधार पर तत्काल तीन सदस्यीय बोर्ड गठित कर दी गई है। इनमें फिजिशियन, सर्जन के अलावा एक रेडियोलॉजिस्ट भी हैं। सोमवार को इसके लिए बैठक भी होगी।
संजीव त्रेहन, प्रभारी सीएमओ, पंचकूला