सिरसा स्थित डेरामुखी रामरहीम की राजदार एवं पंचकूला हिंसा मामले की आरोपी हनीप्रीत को बुधवार पंचकूला की जिला अदालत, सीजेएम, रोहित वत्स की कोर्ट से जमानत मिल गई। कोर्ट से आदेश जारी होने के बाद हनीप्रीत बुधवार देर शाम अंबाला जेल से बाहर निकली। इससे पहले आरोपी हनीप्रीत व अन्यों से पंचकूला हिंसा मामले में 2 अक्टूबर को गैर जमानती, देशद्रोह की धाराएं हटाई गई थीं। साथ ही जमानती धाराओं में आरोप तय किए गए थे।
बचाव पक्ष के वकील आरएस चौहान ने बताया कि आरोपी हनीप्रीत को गैर जमानती धाराओं में जमानत मिल चुकी थी, अब जमानती धाराओं में जमानत मिली है। इससे पहले बुधवार को कोर्ट में सुनवाई के दौरान मामले के अन्य आरोपी पेश हुए तो हनीप्रीत की पेशी वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से हुई। मामले की पिछली सुनवाई एडिशनल सेशन जज संजय संधीर की कोर्ट में हुई थी।
उस दौरान हनीप्रीत समेत अन्य आरोपियों से गैर जमानती, देशद्रोह की धारा 121 व 121,ए हटाई गई थी। आरोपियों पर अब आईपीसी की धारा 216, 145, 150, 151, 152, 153 व 120-बी के तहत आरोप हैं। आरोपियों में हनीप्रीत समेत सुरेंद्र धीमान, गुरमीत, शरणजीत कौर, गोबिंद, प्रदीप, गुरमीत, दान सिंह, सुखदीप कौर, सीपी अरोड़ा, खैराती लाल, राकेश व अन्य हैं। मामले में करीब 45 आरोपी हैं। इनमें से कई आरोपियों को कोर्ट भगोड़ा भी करार दे चुकी है।
पंचकूला में हिंसा भड़काने की आरोपी है हनीप्रीत
पंचकूला जिला अदालत से साध्वी यौन शोषण मामले में 25 अगस्त, 2017 को कोर्ट के राम रहीम को दोषी करार देने पर उसके समर्थकों द्वारा पंचकूला में हिंसा/दंगे किए गए थे। इसी मामले में आरोपी हनीप्रीत व अन्यों पर देशद्रोह समेत दंगा भड़काने पर आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया था।