फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पंचकूला हिंसाः सेंट्रल जेल से दो साल तीन महीने बाद रिहा हुई हनीप्रीत, मिला वीआईपी ट्रीटमेंट

Thu, 07 Nov 2019 09:18 AM IST
खुशबू गोयल अवधेश शुक्ला, अमर उजाला, अंबाला/पंचकूला
विज्ञापन
हनीप्रीत - फोटो : फाइल फोटो
विज्ञापन

सिरसा स्थित डेरामुखी रामरहीम की राजदार एवं पंचकूला हिंसा मामले की आरोपी हनीप्रीत को बुधवार पंचकूला की जिला अदालत, सीजेएम, रोहित वत्स की कोर्ट से जमानत मिल गई। कोर्ट से आदेश जारी होने के बाद हनीप्रीत बुधवार देर शाम अंबाला जेल से बाहर निकली। इससे पहले आरोपी हनीप्रीत व अन्यों से पंचकूला हिंसा मामले में 2 अक्टूबर को गैर जमानती, देशद्रोह की धाराएं हटाई गई थीं। साथ ही जमानती धाराओं में आरोप तय किए गए थे।

विज्ञापन




बचाव पक्ष के वकील आरएस चौहान ने बताया कि आरोपी हनीप्रीत को गैर जमानती धाराओं में जमानत मिल चुकी थी, अब जमानती धाराओं में जमानत मिली है। इससे पहले बुधवार को कोर्ट में सुनवाई के दौरान मामले के अन्य आरोपी पेश हुए तो हनीप्रीत की पेशी वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से हुई। मामले की पिछली सुनवाई एडिशनल सेशन जज संजय संधीर की कोर्ट में हुई थी।

उस दौरान हनीप्रीत समेत अन्य आरोपियों से गैर जमानती, देशद्रोह की धारा 121 व 121,ए हटाई गई थी। आरोपियों पर अब आईपीसी की धारा 216, 145, 150, 151, 152, 153 व 120-बी के तहत आरोप हैं। आरोपियों में हनीप्रीत समेत सुरेंद्र धीमान, गुरमीत, शरणजीत कौर, गोबिंद, प्रदीप, गुरमीत, दान सिंह, सुखदीप कौर, सीपी अरोड़ा, खैराती लाल, राकेश व अन्य हैं। मामले में करीब 45 आरोपी हैं। इनमें से कई आरोपियों को कोर्ट भगोड़ा भी करार दे चुकी है।
विज्ञापन


पंचकूला में हिंसा भड़काने की आरोपी है हनीप्रीत
पंचकूला जिला अदालत से साध्वी यौन शोषण मामले में 25 अगस्त, 2017 को कोर्ट के राम रहीम को दोषी करार देने पर उसके समर्थकों द्वारा पंचकूला में हिंसा/दंगे किए गए थे। इसी मामले में आरोपी हनीप्रीत व अन्यों पर देशद्रोह समेत दंगा भड़काने पर आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया था।

विज्ञापन

वीआईपी ट्रीटमेंट: फॉच्यूर्नर में बैठकर जेल से निकली हनीप्रीत

पंचकूला हिंसा की आरोपी हनीप्रीत को अंबाला सेंट्रल जेल से वीआईपी ट्रीटमेंट के साथ रिहा किया गया। पंचकूला हिंसा के मामले में पुलिस हनीप्रीत के खिलाफ देशद्रोह के आरोप साबित नहीं कर पाई थी। इसी वजह से अदालत ने उसे जमानत पर रिहा करने के आदेश जारी किए थे। शाम को ईमेल के जरिए सेंट्रल जेल पहुंचे आदेशों के बाद हनीप्रीत को रिहा कर दिया गया। कड़ी सुरक्षा के बीच पुलिस उसे परिवार के साथ अंबाला की सीमा तक ले गई।

वीआईपी नंबर की गाड़ी में सवार होकर निकली
अंबाला सेंट्रल जेल में हनीप्रीत दो साल तीन महीने से बंद थी। बुधवार को पंचकूला हिंसा मामले में जमानत मिलते ही उसकी रिहाई तय हो गई थी। इसी वजह से शाम को अंबाला सेंट्रल जेल के बाहर पुलिस ने मोर्चा संभाल लिया। जेल परिसर के अंदर आने जाने वालों पर रोक लगा दी गई। मीडिया को जेल परिसर में दाखिल नहीं दिया गया। भाई साहिल तनेजा खुद परिवार के साथ हनीप्रीत को लेने सेंट्रल जेल पहुंचे थे। रिहाई के दौरान भी हनीप्रीत को वीवीआईपी ट्रीटमेंट दिया गया।

रिहाई से पहले जेल परिसर में पंजाब नंबर (पीबी 10 ईडी 0041) की फॉच्यूर्नर गाड़ी ने प्रवेश किया। इसके बाद यह गाड़ी सीधे सेंट्रल जेल के मुख्य प्रवेश द्वार के भीतर दाखिल हुई। तब हनीप्रीत इसमें सवार होकर जेल से निकली। इसके साथ ही इस गाड़ी को पुलिस की तीन गाड़ियों ने एस्कॉर्ट दिया। रिहाई के समय कार में बैठी हुई हनीप्रीत ने पीले रंग का सूट पहना था।

इस वजह से मिली जमानत
साध्वी यौन शोषण के मामले में 25 अगस्त 2017 को डेरा प्रमुख संत गुरमीत राम रहीम को कारावास की सजा होने के बाद पंचकूला में हिंसा भड़क गई थी। तब पुलिस ने इसके लिए हनीप्रीत समेत कई लोगों को दोषी ठहराते हुए उनके खिलाफ भादंसं की धारा 121 व 121 ए के साथ 145,150,151,152,153,216 व 120 बी के तहत केस दर्ज किया था। हालांकि मामले की जांच के दौरान पुलिस हनीप्रीत के खिलाफ देशद्रोह (धारा 121 व 121 ए) के आरोपों को साबित नहीं कर पाई।

बचाव पक्ष के कड़े ऐतराज के बाद अदालत ने इस आरोप को खारिज कर दिया। दूसरी धाराओं के तहत ही हनीप्रीत के खिलाफ आरोज तय किए गए। केस कमजोर होने के कारण ही बचाव पक्ष ने अदालत से हनीप्रीत को जमानत पर रिहा करने का आग्रह किया था। तब अदालत ने उसकी रिहाई के आदेश जारी कर दिए।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें