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गृहमंत्री अमित शाह ने की 29वीं नॉर्दर्न जोनल काउंसिल मीटिंग की अध्यक्षता, इन मुद्दों पर हुई चर्चा

Fri, 20 Sep 2019 12:42 PM IST
खुशबू गोयल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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गृहमंत्री अमित शाह का स्वागत करते यूटी प्रशासक बदनौर - फोटो : अमर उजाला
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29वीं नॉर्दर्न जोनल काउंसिल (एनजेडसी) मीटिंग में पीजीआई पर पड़ोसी राज्यों के बढ़ रहे बोझ, पीयू फंड, सुखना लेक, इंटरनेशनल एयरपोर्ट, रिंग रोड आदि मुद्दों पर चर्चा हुई। बैठक में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने शहर में चल रहे विभिन्न विकास कार्यों की समीक्षा की। साथ ही पेंडिंग कामों में तेजी लाने के निर्देश दिए।
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इंडस्ट्रियल एरिया फेज 1 स्थित एक होटल में शुक्रवार को आयोजित बैठक में चंडीगढ़ के प्रशासक वीपी सिंह बदनौर ने कहा कि चंडीगढ़ देश का एकमात्र ऐसा शहर है, जहां 2 राज्य सरकारें और एक यूटी बुनियादी ढांचे को साझा करते हैं और सभी संबंधितों के सहयोग से विभिन्न मुद्दों का समाधान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सुखना झील को बचाने के लिए हरियाणा और पंजाब ने काफी मदद की और सुखना को वेट लैंड घोषित किया गया है।

बदनौर ने अन्य मुद्दों को हल करने में भी दोनों राज्यों से सहयोग मांगा। उन्होंने विशेष रूप से एक आउटर रिंग रोड और एमआरटीएस के निर्माण पर ध्यान आकर्षित किया। इंटरनेशनल एयरपोर्ट के नाम बदलने का मुद्दा भी बैठक में उठा। पंजाब सरकार एयरपोर्ट का नाम मोहाली करना चाहती है, जबकि हरियाणा सरकार ने चंडीगढ़ रखने का प्रस्ताव रखा है। नागरिक विमानन मंत्रालय के दखल के बावजूद दोनों राज्य अपने प्रस्ताव पर अड़े हुए हैं। इसकी वजह से बैठक में कोई फैसला नहीं हो पाया।
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चंडीगढ़ पीजीआई पर बढ़ रहे पड़ोसी राज्यों के बोझ को लेकर भी चर्चा की गई। पंजाब ने कहा कि वह अपने राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत कर रहे हैं, ताकि मरीजों को इलाज के लिए चंडीगढ़ पीजीआई का रुख करना न पड़े। उन्होंने राज्य के विभिन्न जिलों में चल रहे प्रोजेक्ट की जानकारी दी। बताया कि एम्स बना रहे हैं, जिससे पीजीआई का बोझ आने वाले समय में कम हो जाएगा। पंजाब ने बताया कि हर जिले के अस्पताल में बेड की संख्या बढ़ाई गई है।

इसके अलावा संगरूर में कैंसर संस्थान व गिद्दड़बाहा, फगवाड़ा, मलोच, खार, बुधलाढ़ा, जगराओं में एमसीएच केंद्रों का प्रस्ताव दिया गया है। हिमाचल प्रदेश ने कहा कि उनके प्रदेश में एम्स बनने के बाद मरीजों का पीजीआई की तरफ रुख कम होगा। साथ ही कहा कि पीजीआई को बाहरी मरीजों का भी इलाज करते रहने चाहिए। हरियाणा ने कहा कि वह राज्य में स्वास्थ्य सेवाएं मजबूत करने की दिशा में कई कदम उठा रहे हैं।

पीयू की मदद को हरियाणा आया आगे

पंजाब यूनिवर्सिटी को वित्तीय संकट से बाहर निकालने के लिए हरियाणा सरकार ने मदद की पेशकश की है। बैठक में हरियाणा ने कहा कि वह पीयू की मदद करने को तैयार है। हालांकि पंजाब ने वर्तमान में चल रहे पैटर्न को ही जारी रखने की बात कही। पंजाब ने कहा कि उनकी तरफ से दिया जाने वाला फंड समय पर पीयू को जारी किया जा रहा है।

सुखना झील का मुद्दा भी उठा
एनजेडसी की बैठक में सुखना लेक का मुद्दा भी उठा। हरियाणा सरकार ने सुखना में गिरने वाले सीवरेज के पानी को रोकने के लिए उठाए गए कदमों के बारे में बताया। कहा कि हरियाणा सरकार सुखना को बचाने के लिए कई प्रयास कर रही है। पंजाब ने कहा कि चंडीगढ़ के पास से कोई भी नदी या नाला नहीं गुजर रहा है, जहां से सुखना को अतिरिक्त जलापूर्ति की जा सके। हालांकि इस बारे में ज्यादा चर्चा नहीं की गई, क्योंकि पिछले कुछ साल से सुखना में पानी की कोई कमी नहीं हुई है।

इंटरनेशनल एयरपोर्ट से कनेक्टिविटी को लेकर भी चर्चा
हरियाणा सरकार ने इंटरनेशनल एयरपोर्ट से एनएच-21 की ओर से कनेक्टिविटी को लेकर एक प्रस्ताव रखा है, जिस पर बैठक में चर्चा हुई। सबसे पहले अंडरग्राउंड के विकल्प पर चर्चा की गई लेकिन कहा कि अंडरग्राउंड का खर्चा काफी ज्यादा है। अंडरग्राउंड क्नेक्टिविटी देने के लिए 1350 करोड़ सिर्फ प्रोडेक्शन कॉस्ट है, जबकि जमीन अधिग्रहण का खर्चा अलग है। इस वजह से हरियाणा सरकार को सड़क के जरिए विकल्प तलाशने की बात कही गई।

फिर उठी रीजनल प्लानिंग बोर्ड बनाने की मांग
हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने नेशनल कैपिटल रीजनल प्लानिंग बोर्ड (एनसीआर) की तर्ज पर चंडीगढ़ रीजनल प्लानिंग बोर्ड बनाने का प्रस्ताव रखा है। कई साल पहले पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ के हामी भरने के बाद भी इस पर काम नहीं हो पाया था। इसको लेकर स्टेट के चीफ सेक्रेटरी और चंडीगढ़ के एडवाइजर की मीटिंग भी हो चुकी है। इसमें तय किया गया था कि ट्राइसिटी के इंफ्रास्ट्रक्चर से लेकर ट्रांसपोर्ट सिस्टम तक को बेहतर बनाने के लिए मिलकर काम किया जाएगा।

चंडीगढ़ में अब बनेगा रिंग रोड, जमीन देने के लिए पंजाब ने एनजेडसी में भरी हामी

ट्राइसिटी में ट्रैफिक कंजेशन कम करने के लिए अटका रिंग रोड प्रोजेक्ट अब केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के हस्तक्षेप के बाद रफ्तार पकड़ेगा। पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ की मदद से बनने वाले रिंग रोड पर शुक्रवार को अमित शाह की अध्यक्षता में 29वीं नॉर्दर्न जोनल काउंसिल मीटिंग में चर्चा हुई। अपने एरिया में 700 मीटर का पुल बनाने को जमीन देने के लिए पंजाब सरकार ने हामी भर दी है। साथ ही मोहाली में इंटरनेशनल एयरपोर्ट से पंचकूला के सेक्टर 20-21 तक बनने वाली रिंग रोड पीआर 7 के निर्माण के लिए भी पंजाब ने सहमति जताई है।

मीटिंग में हरियाणा सरकार ने बताया कि पंजाब से मिलने वाली सड़क के लिए पंचकूला के सेक्टर-24 से 25 तक लगभग 700 मीटर तक बेहतर कनेक्टिविटी के लिए घग्गर नदी पर पुल का निर्माण किया जाना है। इस प्रक्रिया को शुरू करने के लिए सरकार के प्रिंसिपल सेक्रेटरी के स्तर की मीटिंग हुई। इसमें यह तय हुआ कि सड़क बनाने के लिए हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) को वन भूमि सौंपने के लिए पंजाब और वन विभाग के अधिकारियों की ओर से जमीन का सीमांकन किया जाएगा। एचएसवीपी ने सीमांकन कर लिया, लेकिन पंजाब की तरफ से जमीन नहीं दी गई।

इसके बाद रिंग रोड बनाने का प्रोजेक्ट लटक गया था। नॉर्दर्न जोनल काउंसिल मीटिंग में इस मुद्दे को उठाने के बाद केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने पंजाब से पूछा, जिसके बाद पंजाब ने इसके लिए हामी भर दी। कहा गया कि वह पुल बनाने के लिए जमीन हरियाणा को जल्द दे देंगे, जिसके बाद हरियाणा उस पर निर्माण कार्य शुरू कर सकता है। इस बैठक में पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान के मुख्यमंत्री उपस्थित रहे। जम्मू-कश्मीर के गवर्नर, दिल्ली के एलजी और चंडीगढ़ के प्रशासक वीपी सिंह बदनौर भी उपस्थित रहे।

इसलिए ट्राइसिटी को रिंग रोड की जरूरत
चंडीगढ़ को एक से डेढ़ लाख लोगों के रहने के लिए बसाया गया था, लेकिन अब सिटी की आबादी 12 लाख तक पहुंच चुकी है। जनसंख्या बढ़ने के साथ ही शहर की सड़कों पर वाहनों का दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है। इतना ही नहीं, पड़ोसी राज्यों से रोजाना करीब डेढ़ लाख से अधिक छोटे व बड़े वाहन सिटी में प्रवेश कर इस दबाव को और बढ़ा रहे हैं। नतीजतन शहर और बाहरी वाहनों के बढ़ते दबाव के चलते शहर की सड़कें कराह उठी हैं। ट्रिब्यून चौक, हल्लोमाजरा चौक समेत शहर के कई अन्य चौक-चौराहे जाम की गिरफ्त में रहते हैं। खासकर सुबह और शाम को वाहन चालकों को जाम का झाम झेलना पड़ता है। यही वजह है कि बीते दो साल से चंडीगढ़ में रिंग रोड बनाने की मांग चल रही है।

पुलिस के नाम से डंडा ही याद आता है : अमित शाह

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि पुलिस को अपनी छवि बदलने की जरूरत है। पुलिस के नाम पर लोगों के मन में पुलिस का डंडा और कठोर छवि ही सामने आती है। उन्होंने यह बात चंडीगढ़ पुलिस के ई-बीट बुक और ई-साथी एप को लांच करने के मौके पर कही। इससे पहले गृहमंत्री ने शुक्रवार को होटल हयात में 29वीं नॉर्दर्न जोनल काउंसिल बैठक की अध्यक्षता की।

गृहमंत्री ने कहा कि पुलिस की छवि हर किसी से गुस्से में बात करना, रौब झाड़ना जैसी नहीं होनी चाहिए। पुलिस और पुलिस की छवि अब बदलने की जरूरत है। यह टेक्नोलॉजी के माध्यम से ही सुधारा जा सकता है। उन्होंने कहा कि किसी भी राज्य की सुरक्षा व्यवस्था तब तक ठीक नहीं होती, जब तक वहां का पुलिस बीट सिस्टम मजबूत न हो। अमित शाह ने कहा कि वह राज्य के भी गृहमंत्री रहे हैं और अब देश के गृहमंत्री हैं। शुरू से ही वह पुलिस बीट सिस्टम को मजबूत करने के पक्ष में रहे हैं।

पुलिस बीट को आसपास रहने वाले लोगों की सटीक जानकारी होती है, वास्तविक समस्याओं का पता होता है, लेकिन आज कई राज्यों में बीट सिस्टम खत्म होता जा रहा है। बीट सिस्टम को और मजबूत करने की जरूरत है। शाह ने कहा कि चंडीगढ़ पुलिस ने न सिर्फ बीट सिस्टम को पुनर्जीवित किया है, बल्कि उसे और हाईटेक बनाया है। इमरजेंसी नंबर 112 को भी बीट से जोड़ा गया है, जो कि काफी क्रिएटिव आइडिया है। ऐसा किसी अन्य राज्य में अभी तक नहीं हुआ है।

चंडीगढ़ के इस प्रयास के बाद देश के अन्य राज्यों को भी इससे सीख मिलेगी। चंडीगढ़ पुलिस की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में केंद्रीय गृह सचिव अजय कुमार भल्ला, पंजाब के गवर्नर वीपी सिंह बदनौर, हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल, प्रशासक के सलाहकार मनोज परिदा, चंडीगढ़ की सांसद किरण खेर, मेयर राजेश कालिया, चंडीगढ़ के डीजीपी संजय बेनीवाल और चंडीगढ़ प्रशासन के कई अधिकारी मौजूद रहे।
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यौन अपराधों की जांच में ऑल इंडिया रैंकिंग में हरियाणा दूसरे नंबर पर

हरियाणा पुलिस यौन अपराधों को लेकर पूरी तरह से गंभीर है। ऐसे मामलों की जांच में भी प्रदेश पुलिस कोताही न बरतते हुए जल्द मामलों की जांच को सिरे तक पहुंचाने में प्रयासरत है। इसी के चलते हरियाणा पुलिस ने एक ओर महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा शुरू की गई इंवेस्टीगेशन ट्रैकिंग सिस्टम फॉर सेक्सुअल ऑफेंस (आईटीएसएसओ) रैंकिंग प्रणाली के तहत देश में दूसरा स्थान हासिल किया है।

शुक्रवार को केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह की अध्यक्षता में आज यहां आयोजित उत्तरी जोनल काउंसिल की 29वीं बैठक में दी गई एक प्रस्तुति के दौरान यह जानकारी दी गई। हरियाणा पुलिस महानिदेशक मनोज यादव ने बताया कि हरियाणा पुलिस आईटीएसएसओ डैशबोर्ड, जो सभी स्तरों पर कानून प्रवर्तन एजेंसियों के लिए उपलब्ध एक ऑनलाइन मॉड्यूल है, पर बहुत अच्छा प्रदर्शन कर रही है। यह मॉड्यूल राज्य पुलिस को बलात्कार के मामलों में दो महीने के भीतर जांच पूरी करने के लिए वास्तविक समय की निगरानी और प्रबंधन की अनुमति देता है।

हरियाणा पुलिस वर्तमान में 54.3 प्रतिशत की अनुपालन दर के साथ भारत में दूसरे स्थान पर है। बैठक में हरियाणा पुलिस की कार्यप्रणाली और की जा रही प्रौद्योगिकी पहल की भी प्रशंसा की गई।  एक अन्य उपलब्धि में हरियाणा पुलिस द्वारा की गई त्वरित और उचित पैरवी के फलस्वरुप रेवाड़ी जिले में किशोर न्याय बोर्ड की अदालत ने 24 दिनों के भीतर एक बलात्कार के आरोपी को दोषी मानते हुए सजा सुनाई है।
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