पाकिस्तान की टीम भारत आएगी और एक राज्य में मैदान पर दोनों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला सकता है। जी हां, अनुछेद 370 खत्म करने के बाद बेशक भारत-पाक में तनाव और जंग का माहौल बन रहा हो, लेकिन इन सबके बीच भारत-पाक एक दूसरे से कबड्डी कबड्डी करते नजर आएंगे। भारत को यकीन है कि पाकिस्तान की टीम भारत में कबड्डी का मैच खेलने जरूर आएगी।
पंजाब सरकार की तरफ से तो इसका प्रचार भी किया जाने लगा है। पंजाब सरकार की तरफ से 1 से 10 दिसंबर तक श्री गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाश पर्व के उपलक्ष्य में अंतरराष्ट्रीय कबड्डी टूर्नामेंट-2019 का आयोजन किया जा रहा है। यह आयोजन राज्य के विभिन्न स्थानों पर होगा। अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, पाकिस्तान, इंग्लैंड, न्यूजीलैंड, कनाडा, केन्या और श्रीलंका की पुरुष टीमों के इसमें हिस्सा लेने की संभावना है।
पंजाब सरकार की तरफ से जीतने वाली टीम को 25 लाख रुपये का इनाम भी रखा हुआ है। पंजाब सरकार को पाकिस्तान सरकार की तरफ से कबड्डी टीम के खिलाड़ियों की सूची भेज दी गई है और उनके वीजा प्रोसेस शुरू हो चुके हैं। पंजाब सरकार ने भी केंद्र से आग्रह किया है कि कबड्डी की टीम को वीजा जरूर दिया जाए। इसके लिए पंजाब सरकार की तरफ से एक पत्र विदेश मंत्रालय को भेज दिया गया है, जिसके साथ खिलाड़ियों की सूची भी है।
पिछली बार लगा दिया था प्रतिबंध
पंजाब में होने जा रहे कबड्डी टूर्नामेंट से पहले भारत में हुए 12वें कबड्डी विश्व कप में पाकिस्तान को हिस्सा नहीं लेने दिया गया था। अंतरराष्ट्रीय कबड्डी संघ ने पड़ोसी मुल्क के इसमें भाग लेने पर रोक लगा दी थी। कबड्डी संघ ने कहा था कि भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव को देखते हुए निर्णय लिया गया है।
कबड्डी संघ के तत्कालीन प्रमुख देवराज चतुर्वेदी ने कहा था कि पाकिस्तान के साथ प्रतियोगिता करने के लिए यह समय ठीक नहीं है, इसलिए उसे प्रतियोगिता से दूर रखा जाए। तब पाकिस्तान ने इस फैसले पर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा था कि यदि तनाव की वजह से ऐसा फैसला लिया गया है तो दोनों ही देशों को विश्व कबड्डी कप से बाहर रखा जाना चाहिए। अब पंजाब सरकार ने सारी गेंद केंद्र के पाले में फेंक दी है।
पाक से आई सूची को विदेश मंत्रालय को भेजा
पाक की तरफ से कबड्डी मैच खेलने के लिए तैयारी पूरी है। मैच के लिए खिलाड़ियों की एक सूची पाक से आ चुकी है और उसको आगे विदेश मंत्रालय भेज दिया गया है। अब वीजा केंद्र सरकार को देना है, हमारी तरफ से सिफारिश की जा चुकी है।
- करतार सिंह, डिप्टी डायरेक्टर, खेल विभाग