लंबे समय से भर्ती का इंतजार कर रहे युवाओं के लिए चंडीगढ़ प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। होली से पहले चंडीगढ़ प्रशासन ने 377 रिक्त पदों को भरने की घोषणा कर दी है। अप्रैल से इन पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू होगी।
खास बात यह है कि सभी नियुक्तियां नए सर्विस रूल्स के तहत की जाएंगी और चयनित अभ्यर्थियों को उसी अनुरूप वेतन और सेवा शर्तों का लाभ मिलेगा। मुख्य सचिव एच राजेश प्रसाद ने बताया कि गृह मंत्रालय के निर्देश पर सभी विभागों के सर्विस रूल्स को अंतिम रूप दे दिया गया है जिससे भर्ती प्रक्रिया में आ रही अड़चनें दूर हो गई हैं। भर्तियों को लेकर 20 मार्च तक प्रशासन नोटिफिकेशन जारी कर सकता है। भर्ती केवल लिखित परीक्षा के आधार पर होगी।
प्रशासन के अनुसार पहले चरण में क्लर्क, स्टेनो, ड्राइवर, डाटा एंट्री ऑपरेटर समेत अन्य ग्रुप-सी पदों को भरा जाएगा। ट्रांसपोर्ट, शिक्षा, आरएलए और कई अन्य विभागों में लंबे समय से पद खाली पड़े हैं जिससे कार्य प्रभावित हो रहा था। अधिकारियों का कहना है कि इन पदों पर भर्ती होने से विभागीय कामकाज में गति आएगी और आम जनता को बेहतर सेवाएं मिलेंगी।
मुख्य सचिव ने पुलिस विभाग को भी निर्देश दिए हैं कि कांस्टेबल, हेड कांस्टेबल, एएसआई और एसआई के रिक्त पदों का विस्तृत ब्योरा गृह विभाग को उपलब्ध कराया जाए। आंकड़े मिलने के बाद वहां भी भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाएगी। प्रशासन चरणबद्ध तरीके से अन्य स्वीकृत पदों को भी भरने की योजना बना रहा है।
आबकारी एवं कराधान विभाग ने 18 नए पदों ईटीओ, इंस्पेक्टर, क्लर्क, ड्राइवर और अन्य की मंजूरी का प्रस्ताव भेजा है। जैसे ही इन पदों को स्वीकृति मिलेगी, भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। प्रशासन का दावा है कि इस बार प्रक्रिया पारदर्शी और समयबद्ध होगी।
जेल वार्डर भर्ती में पूर्व अग्निवीरों को 20% क्षैतिज आरक्षण
26 फरवरी को प्रशासन ने पूर्व अग्निवीरों को ग्रुप-सी जेल वार्डर की सीधी भर्ती में 20 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण देने का निर्णय लिया है। यह कोटे के भीतर कोटा के रूप में लागू होगा। इसे पूर्व अग्निवीरों के पुनर्वास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इसके अलावा पिछले माह प्रशासक ने चंडीगढ़ पुलिस में कांस्टेबल (एग्जीक्यूटिव एवं वायरलेस) और इंडियन रिजर्व बटालियन के पदों पर भी पूर्व अग्निवीरों को 20 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण की मंजूरी दी थी।
प्रशासन का कहना है कि लंबे समय से रुकी भर्तियों को अब प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाएगा। युवाओं के लिए यह बड़ा रोजगार अवसर साबित हो सकता है और विभागों में कार्यकुशलता के साथ प्रशासनिक ढांचे को भी मजबूती मिलेगी।