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SGPC के लिए पंज प्यारे का ऐतिहासिक फरमान

Sat, 24 Oct 2015 01:07 AM IST
ब्यूरो/अमरउजाला, चंडीगढ़
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टकराव की ओर बढ़ रहे पंच प्यारों और पांचों तख्तों के जत्थेदार मामले में नया मोड़ आया जब पंज प्यारे ने एसजीपीसी के लिए जारी किया ऐतिहासिक फरमान। दरअसल पंज प्यारों की ओर से शुक्रवार को तलब किए जाने के बावजूद पांचों तख्तों के जत्थेदार श्री अकाल तख्त साहिब पर पेश नहीं होने पर पंज प्यारों ने नए गुरमता जारी कर दिया है।
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इस गुरमते में पंज प्यारों ने एसजीपीसी को आदेश दिए हैं कि पांच तख्तों के जत्थेदारों ने श्री अकाल तख्त साहिब पर पेश न होकर गुरु परंपराओं का उल्लंघन किया है। इसलिए जत्थेदारों से त्यागपत्र ले लिए जाएं। अगर जत्थेदार त्यागपत्र नहीं देते हैं तो उन्हें एसजीपीसी की ओर से जो भी सुविधाएं दी जाती हैं, उन सभी को वापस ले लिया जाए।

अगर एसजीपीसी जत्थेदारों से सुविधाएं वापस नहीं लेती और जत्थेदार भी त्यागपत्र नहीं देते तो फिर जल्दी ही पंज प्यारे दोबारा श्री अकाल तख्त साहिब पर बैठक करेंगे। उस बैठक में गुरु मर्यादा और श्री गुरु ग्रंथ साहिब के निर्देशों के अनुसार इस मामले में नया गुरमता जारी किया जाएगा। पंज प्यारों ने यह भी एलान किया कि सिख पंथ डेरा सिरसा के मामले में अपने तौर पर सरबत खालसा बुला सकता है।
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श्री अकाल तख्त साहिब के पंज प्यारे सतनाम सिंह खंडा, भाई मंलग सिंह, भाई मेजर सिंह, भाई सतनाम सिंह और भाई त्रिलोक सिंह शुक्रवार सुबह 10.10 बजे श्री हरमंदिर साहिब कांप्लेक्स पहुंचे। पहले उन्होंने श्री हरमंदिर साहिब की तरफ मुंह करके अरदास की और फिर माथा टेककर श्री अकाल तख्त साहिब पर पहुंच गए। वहां पर पंज प्यारों ने अरदास की और कहा कि आज पांच तख्तों के जत्थेदारों को डेरा सिरसा मुखी को माफ करने के मामले में स्पष्टीकरण देने के लिए तलब किया गया है।

कुछ समय तक उनका इंतजार किया जाएगा। अगर वह पेश नहीं होते तो फिर गुरमता जारी किया जाएगा। करीब डेढ़ घंटे तक पंज प्यारे जत्थेदारों को इंतजार करते रहे, कोई भी जत्थेदार श्री अकाल तख्त साहिब पर पेश नहीं हुआ।

इस दौरान पंज प्यारे पाठ करते रहे और बाद में भाई सतनाम सिंह खंडा ने वहीं बैठकर गुरमता तैयार किया। जब कोई जत्थेदार वहां नहीं पहुंचा और न ही उनका कोई संदेश मिला तो अरदास करने के बाद भाई सतनाम सिंह खंडा ने गुरमता पढ़ा।
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टकराव की ओर बढ़ रहे पंज प्यारे और सिख जत्थेदार

पंथ के भविष्य को ध्यान में रख किया था जत्थेदारों को तलब: मीडिया के साथ बातचीत में भाई खंडा ने कहा कि डेरा मुखी को पहले माफ करने और बाद में माफी रद्द कर पांच तख्तों के जत्थेदारों ने पंथ विरोधी कार्रवाई की है। इस मामले को लेकर जहां सिखों में जत्थेदारों के खिलाफ काफी रोष है, वहीं दुनिया भर में सिख पंथ हंसी का पात्र बना है।

जत्थेदार अपना प्रभाव सिख कौम के अंदर खत्म कर चुके थे। जत्थेदारों की ओर से जो भी हुक्मनामा और गुरमते पिछले कुछ समय से जारी किए जा रहे थे। वह पंथक मर्यादा के खिलाफ थे। इससे पंथ में अनियमितताएं पैदा हो गई थीं। पंज प्यारों ने पंथ के भविष्य को मुख्य रखते हुए पांच जत्थेदारों को तलब किया था।

निलंबन का फैसला गुरु मर्यादा के खिलाफ: एक सवाल के जवाब ने भाई खंडा ने कहा कि उन्होंने गुरु मर्यादा के अनुसार पंथ के भविष्य के रक्षा के लिए पांच जत्थेदारों को तलब किया था, लेकिन एसजीपीसी ने गुरु मर्यादा के खिलाफ उनको बिना किसी कसूर पदों से निलंबित कर दिया। एसजीपीसी की नियमावली में ही लिखा है कि अगर जत्थेदार कोई पंथ विरोधी फैसला ले लेते हैं तो पंज प्यारे उनको तलब कर सकते हैं।

इसके अलावा उन्होंने कहा कि सिख पंथ अगर सिरसा मामले में सरबत खालसा बुलाना चाहता है तो बुला सकता है। उसके लिए कोई भी रोक नहीं है। इस के बाद पंज प्यारे श्री अकाल तख्त साहिब पर बाद दोपहर तक पाठ करते रहे।
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