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SGPC की प्रेस कांफ्रेस में स्टाफ ने उठाया चौंकाने वाला कदम

Sat, 24 Oct 2015 12:11 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, अमृतसर(पंजाब)
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श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी और फिर एसजीपीसी की तरफ से पंज प्यारों को निलंबित करने के विरोध में शुक्रवार को एसजीपीसी के एक कर्मचारी ने अध्यक्ष अवतार सिंह मक्कड़ के सामने इस्तीफा फेंक दिया और उनके खिलाफ नारेबाजी की।
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मक्कड़ उस समय प्रेस कांफ्रेंस कर रहे थे। एसजीपीसी में डाटा एंट्री ऑपरेटर रमनदीप सिंह वहां पहुंचा और मक्कड़ के खिलाफ नारेबाजी करने लगा। उसे एसजीपीसी  की टास्क फोर्स ने पकड़ लिया। रमनदीप ने कहा कि आज जो कुछ भी एसजीपीसी में हो रहा है, वह सब कुछ गलत है।

इसके जिम्मेदार मक्कड़ हैं। पंज प्यारों को निलंबित करके एसजीपीसी ने ठीक नहीं किया है। उसे आज ऐसा महसूस हुआ कि वह एसजीपीसी और गुरु घर की नहीं बल्कि मक्कड़ की नौकरी कर रहा है।
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यह सब देखकर मक्कड़ समेत वहां मौजूद सभी अधिकारी हैरान रह गए। मक्कड़ ने उसी समय अधिकारियों को उसे बर्खास्त करने के आदेश दिए।
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पंज प्यारों के गुरमते को मक्कड़ ने किया रद्द

उधर एसजीपीसी के अध्यक्ष अवतार सिंह मक्कड़ ने निलंबित पंज प्यारों की ओर से शुक्रवार को जारी किए गए गुरमते को पूरी तरह रद्द कर दिया है। पंज प्यारों की ओर से एसजीपीसी को पांच जत्थेदारों के त्यागपत्र लेने के जो आदेश दिए गए हैं, उन आदेशों को मानने से भी मक्कड़ ने इनकार कर दिया है।

शुक्रवार को मीडिया के साथ बातचीत में मक्कड़ ने स्पष्ट किया कि श्री अकाल तख्त साहिब के पंज प्यारे एसजीपीसी के कर्मचारी हैं। उन्हें पांच जत्थेदारों को गैर संवैधानिक ढंग से तलब करने के आरोपों के तहत निलंबित किया  गया था।

निलंबित किए गए पंज प्यारों के पास किसी भी तरह का हुक्मनामा जारी करने, कोई गुरमता करने या कौम के नाम कोई संदेश जारी करने का अधिकार नहीं है। इस तरह का कोई प्रावधान भी एसजीपीसी के संविधान में नहीं है। इसलिए पंज प्यारों के गुरमते को मानने से एसजीपीसी इंकार करती है।

मक्कड़ ने कहा कि किसी भी तरह का हुकमनामा जारी करने का अधिकार सिर्फ तख्तों के जत्थेदारों के पास ही है। जत्थेदार ही कौम के  नाम कोई संदेश या हुकमनामा जारी कर सकते हैं। पंज प्यारों ने सिख कौम की इन परंपराओं को नजरंदाज किया है। पहले भी पंज प्यारों ने 21 अक्तूबर को मनमर्जी करते हुए पांच तख्तों के जत्थेदारों को तलब किया था।

इसी कारण उनको निलंबित कर दिया गया था। उन्होंने कहा कि पंथक समस्या पर विचार करने के लिए अब 26 अक्तूबर को एसजीपीसी की अंतरिंग कमेटी की बैठक बुलाई गई है। इस  अवसर पर उनके साथ एसजीपीसी के मुख्य सचिव हरचरण सिंह और सदस्य दियाल सिंह कोलियांवाली भी मौजूद थे।
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